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पत्र लिखकर सैनिक ने लगाई गुहार- परेशान हूं, नौकरी नहीं करना चाहता, गलती से किया था LoC पार
एजेंसी, पुणे
Updated Wed, 23 May 2018 04:42 AM IST
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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सितंबर, 2016 में गलती से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार चले गए और पाकिस्तान में लगभग चार महीने तक हिरासत में रहने के बाद लौटे भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण ने समय से पहले ही रिटायरमेंट की मांग की है।
24 वर्षीय चव्हाण ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वह काफी परेशान हैं और नौकरी नहीं करना चाहते हैं, उन्हें सेवानिवृत्त किया जाए। बता दें कि 37 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान चंदू 29 सितंबर, 2016 को लापता हो गए थे। उन्होंने अनजाने में एलओसी पार किया था जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। उनको चार महीने बाद भारतीय सेना को सौंपा गया। भारत लौटने के बाद चंदू को किरकी में सैन्य अस्पताल के मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था।
भारत लौटने के बाद सेना ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत धुले जिले के निवासी चंदू को सजा भी दी। हालांकि बाद में उनको महाराष्ट्र के अहमदनगर में सशस्त्र कोर केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया। शनिवार को अस्पताल से छूटने के बाद उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में उनके साथ जो हुआ उससे वह परेशान हैं। इसी वजह से वह सेवानिवृत्ति चाहते हैं।
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24 वर्षीय चव्हाण ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वह काफी परेशान हैं और नौकरी नहीं करना चाहते हैं, उन्हें सेवानिवृत्त किया जाए। बता दें कि 37 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान चंदू 29 सितंबर, 2016 को लापता हो गए थे। उन्होंने अनजाने में एलओसी पार किया था जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। उनको चार महीने बाद भारतीय सेना को सौंपा गया। भारत लौटने के बाद चंदू को किरकी में सैन्य अस्पताल के मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था।
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भारत लौटने के बाद सेना ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत धुले जिले के निवासी चंदू को सजा भी दी। हालांकि बाद में उनको महाराष्ट्र के अहमदनगर में सशस्त्र कोर केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया। शनिवार को अस्पताल से छूटने के बाद उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में उनके साथ जो हुआ उससे वह परेशान हैं। इसी वजह से वह सेवानिवृत्ति चाहते हैं।
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