अफगानिस्तान संकट: कतर के अमीर से मिले यूके के विदेश मंत्री, लोगों की सुरक्षित निकासी पर की बात
अफगानिस्तान में हालात को लेकर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने गुरुवार को दोहा में कतर के अमीर और अपने समकक्ष से मुलाकात की। इस दौरान अफगानिस्तान से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
विस्तार
यूनाइटेड किंगडम (यूके) के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने गुरुवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थनी और उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थनी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात और वहां से ब्रिटिश नागरिकों और अफगान समर्थकों को सुरक्षित निकालने को लकेर चर्चा की गई।
एक दिन पहले ही विदेश मंत्री डोमिनिक राब को अफगानिस्तान से ब्रिटेन की वापसी के फैसले को लेकर संसदीय विदेशी मांलों की समिति पर ब्रिटिश सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में ब्रिटेन के दूतावास को फिलहाल अस्थायी रूप से कतर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह इस समय दोहा में संचालित हो रहा है।
राब ने एक ट्वीट में कहा, कतर का क्षेत्रीय प्रभाव इसे अफगानिस्तान मामले को लेकर एक प्रमुख हिस्सेदार बनाता है। मैंने दोनों नेताओं से इस मुद्दे पर बात की कि अफगानिस्तार को किस तरह आतंकियों की पनाहगाह बनने से रोका जाए, वहां मानवीय हो रही मानवीय दुर्दशा को कैसे समाप्त किया जाए और कैसे सुनिश्चित करें कि तालिबान अपनी बातों पर कायम रहेगा।
काबुल एयरपोर्ट खोलने के लिए तालिबान से बात कर रहा कतर
उधर, कतर के विदेश मंत्री ने कहा है कि हम काबुल एयरपोर्ट को जितना संभव हो उतना जल्दी फिर से खोलने के लिए तालिबान के साथ काम कर रहे हैं। बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन तालिबान का खौफ अफगानी लोगों में इस कदर भरा हुआ है कि वो कैसे भी बने, देश छोड़ देना चाहते हैं।
Qatar working with Taliban to reopen Kabul airport 'as soon as possible', reports AFP News Agency, quoting Qatar's Foreign Minister Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani.
— ANI (@ANI) September 2, 2021
पाकिस्तान ने अस्थायी रूप से बंद की चमन बॉर्डर क्रॉसिंग
उधर, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ एक प्रमुख सीमा मार्ग चमन बॉर्डर क्रॉसिंग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने यह कदम अफगानिस्तान छोड़कर आने वाले शरणार्थियों की बड़ी संख्या के भय के चलते लिया गया है। खैबर पख्तूनख्वा में तोरखम शहर के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा व्यावसायिक सीमा बिंदु है। इससे पहले गुरुवार को ही दिन में यहां के आंतरिक मामलों के मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा था कि सुरक्षा कारणों के चलते चमन क्रॉसिंग को बंद किया जा सकता है।