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Aero India-2023: अगले माह बेंगलुरु में होगा एयरो इंडिया शो, राजनाथ बोले- मेक इन इंडिया सिर्फ भारत के लिए नहीं
Mon, 09 Jan 2023 01:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 09 Jan 2023 01:54 PM IST
सार
मंत्रालय ने कहा कि यह एयरो इंडिया शो का 14 वां शो है। उम्मीद है कि यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसमें बड़ी संख्या में मित्र देशों के प्रतिनिधि व सहभागी शामिल होंगे। एयर शो में वैश्विक स्तर की रक्षा कंपनियां अपने रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन करती हैं।
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एरो इंडिया शो 2023 बेंगलुरु में अगले माह
- फोटो : PTI
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विस्तार
एयरो इंडिया शो-2023 का आयोजन बेंगलुरु में 13 से 17 फरवरी तक होगा। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह एलान किया। इस मौके पर विभिन्न देशों के राजदूतों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत भेदभावपूर्ण संबंधों में विश्वास नहीं करता। 'मेक इन इंडिया' सिर्फ भारत के लिए नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि यह एयरो इंडिया का 14 वां शो है। उम्मीद है कि यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसमें बड़ी संख्या में मित्र देशों के प्रतिनिधि व सहभागी शामिल होंगे। एयर शो में वैश्विक स्तर की रक्षा कंपनियां अपने रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन करती हैं। इसमें भारतीय रक्षा कंपनियां भी शामिल होती हैं। शो में एयरोस्पेस क्षेत्र में होने वाले बदलाव व विकास को प्रदर्शित किया जाता है। यह आयोजन बेंगलुरु के येलहंका वायु सेना स्टेशन पर होगा।
पिछले साल इस शो का उदघाटन तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। तीन दिन चले एयरो इंडिया 2022 में 16000 से अधिक लोग प्रत्यक्ष तौर पर शामिल हुए थे और 4.50 लाख से अधिक लोग वर्चुअल माध्यम से इससे जुड़े। इसमें 55 देशों की 84 विदेशी कंपनियों समेत 540 कंपनियां शामिल हुई थीं।
मेक इन इंडिया सिर्फ भारत के लिए नहीं : राजनाथ सिंह
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया के बारे में विभिन्न देशों के राजदूतों के एक सम्मेलन में कहा कि भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल सिर्फ भारत के लिए नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व व्यवस्था की पदक्रम यानी कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ मानने की व्यवस्था में विश्वास नहीं करता। एशिया की सबसे बड़ी एविएशन प्रदर्शनी 'एयरो इंडिया-2023 के मौके पर राजदूतों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मानवीय समानता और गरिमा पर आधारित हैं। जब हम किसी राष्ट्र के साथ साझेदारी करते हैं तो यह संप्रभु समानता और आपसी सम्मान के आधार पर होता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की पहल अपने सहयोगी देशों के साथ साझेदारी के नए मानदंड की शुरुआत है। 'मेक इन इंडिया' के प्रयास न तो खुद को अलग-थलग करने वाले हैं और न ही वे सिर्फ भारत के लिए हैं।
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मंत्रालय ने कहा कि यह एयरो इंडिया का 14 वां शो है। उम्मीद है कि यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसमें बड़ी संख्या में मित्र देशों के प्रतिनिधि व सहभागी शामिल होंगे। एयर शो में वैश्विक स्तर की रक्षा कंपनियां अपने रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन करती हैं। इसमें भारतीय रक्षा कंपनियां भी शामिल होती हैं। शो में एयरोस्पेस क्षेत्र में होने वाले बदलाव व विकास को प्रदर्शित किया जाता है। यह आयोजन बेंगलुरु के येलहंका वायु सेना स्टेशन पर होगा।
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We're now organising the 14th edition of Aero India-2023 from 13th to 17th February in Bengaluru. Aero India-2023 would, hopefully, surpass the benchmark set in the previous edition with a larger presence of exhibitors and representatives of our friendly countries: Defence Min pic.twitter.com/FEuGut7DeO
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 9, 2023
पिछले साल इस शो का उदघाटन तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। तीन दिन चले एयरो इंडिया 2022 में 16000 से अधिक लोग प्रत्यक्ष तौर पर शामिल हुए थे और 4.50 लाख से अधिक लोग वर्चुअल माध्यम से इससे जुड़े। इसमें 55 देशों की 84 विदेशी कंपनियों समेत 540 कंपनियां शामिल हुई थीं।
मेक इन इंडिया सिर्फ भारत के लिए नहीं : राजनाथ सिंह
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरो इंडिया के बारे में विभिन्न देशों के राजदूतों के एक सम्मेलन में कहा कि भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल सिर्फ भारत के लिए नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व व्यवस्था की पदक्रम यानी कुछ देशों को दूसरों से श्रेष्ठ मानने की व्यवस्था में विश्वास नहीं करता। एशिया की सबसे बड़ी एविएशन प्रदर्शनी 'एयरो इंडिया-2023 के मौके पर राजदूतों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मानवीय समानता और गरिमा पर आधारित हैं। जब हम किसी राष्ट्र के साथ साझेदारी करते हैं तो यह संप्रभु समानता और आपसी सम्मान के आधार पर होता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की पहल अपने सहयोगी देशों के साथ साझेदारी के नए मानदंड की शुरुआत है। 'मेक इन इंडिया' के प्रयास न तो खुद को अलग-थलग करने वाले हैं और न ही वे सिर्फ भारत के लिए हैं।