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गेमिंग विज्ञापनों के जरिए नहीं फैला सकेंगे भ्रम, टीवी चैनलों के लिए जारी हुई एडवाइजरी
Sat, 05 Dec 2020 01:46 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 05 Dec 2020 01:46 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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टीवी चैनल 15 दिसंबर से गेमिंग विज्ञापनों के जरिए भ्रम नहीं फैला पाएंगे। विज्ञापन मानक परिषद ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने शुक्रवार को सभी टीवी चैनलों को इस बारे में एडवाइजरी जारी की। इसमें ऐसे विज्ञापनों को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा गया है कि केवल कानूनी अनुमति हासिल विज्ञापन ही दिखाए जा सकेंगे। साथ ही इसमें 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को चित्रित नहीं किया जाएगा।
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विज्ञापन को आय अर्जित करने का जरिया और वैकल्पिक जीविका के साधन के तौर पर चित्रित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा पैसा जीतने के लिए इस तरह के ऑनलाइन खेलों को पेश नहीं किया जा सकता। गेमिंग को सफलता का मानक बताकर स्थापित करने का प्रयास भी नहीं किया जा सकता।
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एडवाइजरी में कहा गया है कि मनी गेमिंग से जुड़े विज्ञापनों को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए ये नियम तय किए गए हैं। इनके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह के विज्ञापन उपयोगकर्ताओं को वित्तीय और अन्य जोखिमों के बारे में जागरूक करें, जिसमें ऑनलाइन खेलों के माध्यम से धन अर्जन होता है या विज्ञापन से यह सुझाव मिलता है कि धन गेमिंग से जुड़े व्यक्ति अन्य कार्य क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों से अधिक सफलता हासिल कर सकते हैं।
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एक आकलन के अनुसार, कोरोना काल में वित्तीय वर्ष 2020 में अब तक ऑनलाइन गेमिंग में 45 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां 90 फीसदी लोग मोबाइल पर गेमिंग से जुड़े हैं। 2019 में 560 करोड़ मोबाइल गेमिंग एप डाउनलोड किए गए। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत ऑनलाइन गेमिंग के एक बड़े बाजार के रूप में उभर रहा है। ऐसे में दिशानिर्देश इसे नियमित करने और पारदर्शी व्यवस्था के तहत इनके संचालन को आसान करेंगे।