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एएससीआई का दावा: तीन साल में धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले विज्ञापन बढ़े

Fri, 14 Jan 2022 06:09 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Fri, 14 Jan 2022 06:09 AM IST
सार

इस संदर्भ में एएससीआई को करीब 1700 शिकायतें मिली हैं। रिपोर्ट में है कि विज्ञापन बनाने वाली कंपनियों ने देश की सांस्कृतिक सीमाओं की अवहेलना की और विज्ञापनों में जानबूझकर पुरुषों का मजाक उड़ाया है।

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Advertising Standards Council of India said Advertisements hurting religious sentiments increased in three years
एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया - फोटो : ASCI

विस्तार

भारत में पिछले तीन साल में धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले विज्ञापन बढ़े हैं। इन विज्ञापनों के अपमानजनक रवैये पर लोगों ने कई सारी शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह जानकारी उद्योग जगत की संस्था एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने “व्हाट इंडिया टेक्स ऑफंस टू” शीर्षक नाम से रिपोर्ट में दी।

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इस संदर्भ में एएससीआई को करीब 1700 शिकायतें मिली हैं। रिपोर्ट में है कि विज्ञापन बनाने वाली कंपनियों ने देश की सांस्कृतिक सीमाओं की अवहेलना की और विज्ञापनों में जानबूझकर पुरुषों का मजाक उड़ाया है। धार्मिक भावनाओं को आहत करने के कारण कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज हुए हैं।
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शिकायत में कहा कि विज्ञापन में धार्मिक पहचान पर चोट किया जा रहा है। परंपरा को एक नए तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की जा रही है। नारियल व कुंडली को एक संकीर्ण सोच का दिखाया जा रहा है। 

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