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सावधान! बाजार में बिक रहा है मिलावटी आलू, मिलावटखोर कर रहे हैं सीमेंट का इस्तेमाल

Fri, 07 Aug 2020 05:38 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 07 Aug 2020 05:38 PM IST
सार

  • हरी सब्जियों को ज्यादा हरा, चिकना और ताज़ा दिखाने के लिए कुछ सब्जी विक्रेता करते हैं रसायनों का इस्तेमाल
  • सब्जियों को ताजा दिखाने के लिए उन्हें मोम, ग्रीस या कोई अन्य तेल जैसी चीज से सने कपड़े से धीरे-धीरे रगड़ते हैं

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Adulterated potatoes are being sold in the market, adulterants are using cement
सब्जियां - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

दूध, खोया और पनीर जैसी चीजों में मिलावट अकसर पकड़ी जाती रहती है, लेकिन अब आलू जैसी बेहद महत्वपूर्ण सब्जी में भी मिलावट की खबर आने से लोग परेशान हो गए हैं। मिलावटी आलू या अन्य सब्जी खाने से लोगों के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, लिहाजा मामला सामने आते ही एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।
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एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर की लगभग एक दर्जन आलू की थोक दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। सैंपल में किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। भाजपा नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इस मामले पर उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर जांच कराने की भी मांग की है।
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आजादपुर सब्जी मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि कुछ लोगों ने मंडी में मिलावटी आलू बेचने का आरोप लगाया है। यह मामला सामने आते ही लगभग एक दर्जन से अधिक दुकानों से आलू के सैंपल लेकर उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गये हैं।
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उन्होंने कहा कि किसी भी सैंपल में कोई गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून का उल्लंघन कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले व्यापारियों का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

आलू में कैसे होती है मिलावट

दरअसल, सीमेंट और विशेष रंग की एक मिट्टी को मिलाकर पानी में डालकर एक बेहद पतला घोल बनाया जाता है। इसमें पुराने आलू को डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद उस आलू को निकालकर सुखा लिया जाता है। इस प्रकार आलू के ऊपर मिट्टी की एक हल्की पीली-भूरी परत चढ़ जाती है।

इससे आलू की ऊपरी परत नए आलू की तरह आसानी से निकलने लगती है। खुदरा बाजार में सब्जी विक्रेता इसे लोगों को नया पहाड़ी आलू बताकर ऊंची कीमत पर बेच देते हैं।

अन्य सब्जियों में भी होती है मिलावट

दरअसल, फल-सब्जियों को नया और ताजा दिखाने के लिए कुछ विक्रेता कई गलत तरीके इस्तेमाल करते हैं। इनके लिए मोम, ग्रीस या कोई अन्य तेल जैसी चीज से सने कपड़े से फल-सब्जियों को धीरे-धीरे रगड़ दिया जाता है।

कुछ सब्जियों को ज्यादा हरा दिखाने के लिए उन्हें हरे रंग के पानी के घोल में डालकर निकाल लिया जाता है। इससे फल-सब्जियों में विशेष चमक आ जाती है और ग्राहक उन्हें ज्यादा अच्छी सब्जी समझकर खरीद लेते हैं। लेकिन इस तरह की सब्जियों को खाने से कई तरह के गंभीर रोग हो सकते हैं।

 

हमें भी रहना होगा सावधान

मेट्रो अस्पताल के सीनियर डॉक्टर पुनीत गुप्ता ने कहा कि इन रसायनों से घुली सब्जियों को खाने से शरीर को काफी नुकसान हो सकता है। इससे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना होती है और उन्हें कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर है कि खाने-पीने की चीजों को सफल या किसी अन्य आधिकारिक चेन के माध्यम से खरीदें, जो अपनी वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता के मामले में क्वालिटी स्टैंडर्ड मेंटेन बनाने का काम करते हैं। इनके माध्यम से हुई किसी गड़बड़ी को आसानी से पकड़ा भी जा सकता है।

प्राकृतिक रूप से फलों-सब्जियों कि ऊपरी सतह पर एक विशेष चमक होती है, लेकिन अप्राकृतिक तरीके से ज्यादा चमकीले फलों-सब्जियों को खरीदने से हमें बचना चाहिए। इन्हें खाना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।

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