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गुजरात के स्कूल का फैसला, 'भारत माता की जय' बोलने पर ही मिलेगा एडमिशन

Mon, 04 Apr 2016 04:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Apr 2016 04:25 PM IST
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गुजरात के एक स्कूल ने कहा है कि वो उन्हीं बच्चों को एडमिशन देगा, जो अपने आवेदन पत्र पर 'भारत माता की जय' लिखेंगे। अमरेली में श्री पटेल विद्यार्थी आश्रम ट्रस्ट का एक प्राइमरी स्कूल, दो हाइस्कूल और एक कॉलेज हैं। अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट के सदस्यों ने स्‍थानीय भाजपा नेता दिलीप सांघनी की अध्यक्षता में रविवार को ये फैसला किया। ट्रस्ट के स्कूलों में फिलहाल 4500 सदस्य पढ़ते हैं। 

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उल्लेखनीय है कि 'भारत माता की जय' बोलने के मसले पर इन दिनों लगातार बहस हो रही है। भाजपा समेत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े तमाम संगठन 'भारत माता की जय' बोलने को देशभक्ति से जोड़ रहे हैं, जबकि दारूल उलूम देवबंद समेत कई मुस्लिम संगठन इन दलीलों का विरोध कर रहे हैं। 
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गुजरात की भाजपा इकाई ने भी दिलीप सांघनी के नेतृत्व में लिए गए फैसले से खुद को अलग कर लिया है। सांघनी का कहना है‌ कि ट्रस्ट ने ये फैसला बच्चों में देशभक्ति की भावना का संचार करने के लिए लिया है।

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‌शिक्षा मंत्री ने कहा, ये स्कूल का निजी फैसला

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उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि शैक्षणिक संगठनों में देश विरोधी नारे लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, हम चाहते हैं कि हमारे छात्रों में देशभक्ति का भावना बढ़े और वे देश का सम्मान करें।

उन्होंने बताया कि यही कारण है कि ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि केवल उन्हीं छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा, जो अपने आवेदन पत्र पर 'भारत माता की जय' लिखेंगे। जो छात्र 'भारत माता की जय' नहीं लिखेंगे, उन्हें एडमिशन नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नया नियम अगले सत्र से लागू होगा। 

वहीं गुजरात सरकार के शिक्षा मंत्री भूपेंद्रनाथ चुडासमा ने कहा कि किसी पर 'भारत माता की जय' कहने का दबाव नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये फैसला एक संगठन ने लिया है और इसका बीजेपी से कोई लेनादेना नहीं है। चुडासमा ने कहा कि उन्हें ट्रस्ट के फैसले के संबंध में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
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