{"_id":"609ee4d59c8ef370d1673ce8","slug":"adb-commits-record-3-92-billion-dollar-loan-to-india-in-2020","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की दूसरी लहर: भारत की मदद को आगे आया एडीबी, 2020 में रिकॉर्ड 3.92 अरब डॉलर के कर्ज को मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना की दूसरी लहर: भारत की मदद को आगे आया एडीबी, 2020 में रिकॉर्ड 3.92 अरब डॉलर के कर्ज को मंजूरी
Sat, 15 May 2021 02:30 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 15 May 2021 02:30 AM IST
सार
- कोविड-19 महामारी से रोकथाम तथा बचाव से संबंधित परियोजनाओं के लिए 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज शामिल है।
विज्ञापन
एडीबी
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोरोना की दूसरी लहर से जारी संघर्ष के बीच एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत को रिकॉर्ड 3.92 अरब डॉलर की मदद दी है।
विज्ञापन
एडीबी ने शुक्रवार को कहा उसने भारत को 2020 में 13 परियोजनाओं के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि मंजूर की है। जिसमें कोविड-19 महामारी से रोकथाम तथा बचाव से संबंधित परियोजनाओं के लिए 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज शामिल है।
विज्ञापन
मनीला स्थित बहुपक्षीय एजेंसी ने कहा कि उसने भारत में महामारी को रोकने और गरीब और अन्य कमजोर समूहों को राहत देने के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों के लिए आपातकालीन सहायता दी है।
विज्ञापन
एडीबी ने शहरी क्षेत्रों भी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए सहायता दी है। एडीबी ने कहा कि 1986 में उसके द्वारा कर्ज देने की शुरुआत के बाद से भारत के लिए अब तक की यह सबसे बड़ी वार्षिक कर्ज प्रतिबद्धता है।
टीकाकरण में तेजी लाने के लिए भी करेगा मदद
भारत में एडीबी के कंट्री डायरेक्टर ताकियो कोनिशि ने कहा, इसके आगे भी एडीबी भारत को कोविड-19 संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन देने को तैयार है। जिससे देश में टीकाकरण में तेजी लाने और भविष्य के जोखिमों से का मुकाबला करने के लिए सक्षम स्वास्थ्य प्रणाली की स्थापना, छोटे कारोबारियों की रक्षा के लिए सहायता और शिक्षा व सामाजिक संरक्षण शामिल है।
एडीबी ने कहा कि उसने 2020 के दौरान भारत में ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन के लिए अपनी वित्तीय सहायता जारी रखी है।