लखनऊ समेत तीन हवाई अड्डे अडानी समूह के पास, 50 साल तक रहेगा अधिकार
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लखनऊ के साथ साथ अहमदाबाद और मंगलुरू हवाई अड्डा अब अडानी समूह का हो गया है। सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण -एएआई- ने शुक्रवार को इनके निजीकरण के लिए अडानी समूह की तीन कंपनियों के साथ कॉन्सेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया। इन हवाई अड्डों का पुनर्विकास कर इसे 50 साल तक अडानी समूह ही चलाएगा।
अडानी समूह के कर्ता धर्ता गौतम अडानी ने एक ट्वीट के जरिए इन हवाई अड्डों के लिए कॉन्सेशन ए्ग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने की जानकारी दी।
Over the past 30 years, @AdaniOnline has catered to critical demand gaps in India. Today as we sign the concession agreements for Mangaluru, Lucknow & A'bad with @AAI_Official, its the beginning of another historic journey catering to India's exponential airport infra demands.
— Gautam Adani (@gautam_adani) February 14, 2020विज्ञापन
इस समझौते के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि लखनऊ हवाई अड़डे के लिए अडानी अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स लिमिटेड, अहमदाबाद हवाई अड्डे के लिए अडानी अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और मंगलुरू हवाई अड्डा के लिए अडानी मंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स लिमिटेड के साथ कॉन्सेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुआ। अब वहां बढ़ती मांग के अनुरूप क्षमता विकसित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल की शुरूआत में सरकार ने अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, लखनऊ, मेंगलूरू, जयपुर और गुवाहाटी हवाई अड्डों के निजीकरण लिए मंगाई गई बोली के विजेताओं की घोषणा की थी। इनके लिए अडानी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगायी थी। इन छह हवाई अड्डों के परिचालन के लिए 10 कंपनियों ने तकनीकी तौर पर कुल 32 बोलियां लगायीं थी।