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Hindi News ›   India News ›   Adani group drags GVK and aviation ministry to court

मुंबईः अडाणी समूह ने जीवीके और विमानन मंत्रालय को अदालत में घसीटा

Sun, 08 Sep 2019 06:45 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Trainee Trainee Updated Sun, 08 Sep 2019 06:45 PM IST
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Adani group drags GVK and aviation ministry to court
अडानी समूह (फाइल फोटो)

अडाणी समूह ने जीवीके समूह द्वारा संचालित मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) के शेयरधारकों और विमानन मंत्रालय को बॉम्बे हाई कोर्ट में घसीटा है। समूह ने हवाई अड्डे में अफ्रीकी कंपनी बिडवेस्ट की हिस्सेदारी को खरीदने की अनुमति देने के लिए शेयरधारकों समेत मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की है।

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मुंबई हवाई अड्डे में दक्षिण अफ्रीका की कंपनी बिड सर्विसेज डिवीजन मॉरीशस या बिडवेस्ट की 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा अन्य शेयरधारक एसीएसए ग्लोबल (10 प्रतिशत), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (26 प्रतिशत) और जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स (50.5 प्रतिशत) हैं। जीवीके एयरपोर्ट 50.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बहुलांश हिस्साधारक है।
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याचिका में शेयरधारकों समेत विमानन मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया है। बिडवेस्ट ने हवाई अड्डे में पूरी हिस्सेदारी 1,248 करोड़ रुपये यानी 77 रुपये प्रति शेयर के भाव पर अडाणी समूह को बेचने के लिए करार किया था। समूह ने एसीएसए की हिस्सेदारी खरीदने की भी पेशकश की थी।
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अडाणी समूह ने चार सितंबर को दायर याचिका में दावा किया था कि बिडवेस्ट के साथ पांच मार्च 2019 को हुआ उसका शेयर खरीद समझौता वैध , निर्वाह योग्य और बाध्यकारी है।

इसमें कहा गया है कि यह याचिका वादी और बिडवेस्ट के बीच 1,62,000,000 शेयरों की पूरी हिस्सेदारी को खरीदने के लिए हुए समझौते के आधार पर दायर किया जा रहा है। यह मायल की पूरी शेयर पूंजी का 13.5 प्रतिशत है।

अडाणी समूह ने दक्षिण अफ्रीकी कंपनी और मायल के अन्य शेयरधारकों को समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाने और प्रक्रिया के संदर्भ में किसी तीसरे पक्ष के अधिकार को सृजित नहीं करने का कंपनी को निर्देश दिए जाने की मांग की है।

याचिका के मुताबिक , जीवीके ने राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (पहले बोली लगाने या न लगाने के अधिकार) का उपयोग कर लिया है और उसकी 30 दिन की मियाद चार अप्रैल को खत्म हो चुकी है।


बिडवेस्ट ने अप्रैल में जीवीके और एसीएसए ग्लोबल समेत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को नोटिस भेजते हुए कहा था कि वह शेयरों को हस्तांतरित करने का तैयार है।

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