Gaza War: कार्यकर्ता संदीप पांडे ने लौटाया मैग्सेसे पुरस्कार, गाजा संघर्ष में अमेरिकी भूमिका की निंदा की
Gaza War: कार्यकर्ता संदीप पांडे ने कहा कि युद्ध में फलस्तीन के 21,500 से अधिक मारे जा चुके हैं और अमेरिका अभी भी इस्राइल को हथियार बेचना जारी रखे हुए है। फलस्तीनी नागरिकों के खिलाफ मौजूदा हमले में इस्राइल का खुलकर समर्थन करने में अमेरिका की भूमिका को देखते हुए मेरे लिए पुरस्कार रखना असहनीय हो गया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे ने गाजा में इस्राइली हमलों में अमेरिका की 'भूमिका' के विरोध में प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार लौटाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार उन्हें साल 2002 में दिया गया था। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) से जुड़े पांडे ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों से हासिल अपनी दोहरी मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री भी लौटाने का फैसला किया है।
मैग्सेसे पुरस्कार ने अमेरिकी फाउंडेशन के साथ जुड़ाव के कारण पांडे की चिंताओं को बढ़ा दिया। एक बयान में उन्होंने फलस्तीनी नागरिकों के खिलाफ चल रहे हमले में इस्राइळ के लिए अमेरिका के समर्थन पर अपनी असहजता व्यक्त की। मैग्सेसे पुरस्कार मुख्य रूप से रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित है।
उन्होंने कहा, 'युद्ध में फलस्तीन के 21,500 से अधिक मारे जा चुके हैं और अमेरिका अभी भी इस्राइल को हथियार बेचना जारी रखे हुए है। फलस्तीनी नागरिकों के खिलाफ मौजूदा हमले में इस्राइल का खुलकर समर्थन करने में अमेरिका की भूमिका को देखते हुए मेरे लिए पुरस्कार रखना असहनीय हो गया है। इसलिए मैं पुरस्कार लौटाने का फैसला कर रहा हूं।'
मैग्सेसे पुरस्कार के अलावा, संदीप पांडे ने सिरैक्यूज विश्वविद्यालय को विनिर्माण और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में अपनी दोहरी एमएससी डिग्री और बर्कले में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय को मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री वापस करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अमेरिका एक ऐसा देश है जो मानवाधिकारों का सबसे अधिक सम्मान करता है और अभिव्यक्ति की सर्वश्रेष्ठ स्वतंत्रता प्रदान करता है। लेकिन, दुख की बात है कि यह केवल देश के भीतर सच है।'
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका फैसला अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिका के 'दोहरे मानदंडों' से उपजा है, विशेष रूप से इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष पर उसके रुख से। अमेरिकी सरकार के रुख पर निराशा जताते हुए संदीप पांडे ने कहा, 'मुझे कड़ा फैसला लेना पड़ रहा है, क्योंकि मुझे लगता है कि अमेरिका दुनिया की लोकप्रिय राय के विपरीत फलस्तीनियों के खिलाफ अपनी आक्रामकता जारी रखने के लिए इस्राइल को प्रोत्साहित करने के लिए जिम्मेदार है।'
पांडे ने फिलिस्तीन के एक संप्रभु राज्य के निर्माण और संघर्ष को हल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसकी मान्यता का आह्वान किया। उन्होंने अमेरिका से अपने पिछले कार्यों के समान मध्यस्थता की भूमिका निभाने का आग्रह किया, और फलस्तीनियों की पीड़ा को दूर करने में अपनी विफलता की आलोचना की।