Jayalalithaa Death Case: तमिलनाडु में शशिकला, विजयभास्कर समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
रिपोर्ट में कहा गया है कि कैबिनेट ने रिपोर्ट पर कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने का फैसला किया है, जिसमें वीके शशिकला, शिवकुमार, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर और तत्कालीन मुख्य सचिव राम मोहन राव व अन्य के खिलाफ सरकारी जांच की सिफारिश की है।
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तमिलनाडु की सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री रही जयललिता की मौत की गुत्थी अभी तक सुलझी नहीं है। जांच को लेकर तमिलनाडु सरकार ने कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत की परिस्थितियों की जांच करने वाले न्यायमूर्ति अरुमुघस्वामी आयोग ने सोमवार को उनकी विश्वासपात्र वीके शशिकला समेत अन्य के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है और इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी।
तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत से जुड़ी 500 पृष्ठों की जांच रिपोर्ट शनिवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को सौंप दी गई। यह रिपोर्ट सेवानिवृत्त जस्टिस अरुमुघस्वामी ने सीएम स्टालिन को सौंपी है। इसे 13 महीने में तैयार किया गया है। अरुमुघस्वामी को जयललिता की मौत की जांच के लिए नियुक्त किया गया था। रिपोर्ट को लेकर अभी कोई खुलासा नहीं किया गया है।
सरकारी जांच की सिफारिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि कैबिनेट ने रिपोर्ट पर कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने का फैसला किया है, जिसमें वीके शशिकला, शिवकुमार, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर और तत्कालीन मुख्य सचिव राम मोहन राव व अन्य के खिलाफ सरकारी जांच की सिफारिश की है। चर्चा के बाद इसे तमिलनाडु विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
2016 में हुई थी जयललिता की मौत
जयललिता की मौत 5 दिसंबर 2016 को हुई थी। इसके आठ महीनों बाद तमिलनाडु के तत्कालीन सीएम पलानीस्वामी ने जांच के आदेश दिए थे। जयललिता के चेन्नई स्थित घर पोएस गार्डन को मेमोरियल में तब्दील किया गया है। एआईएडीएमके की पूर्व सुप्रीमो जयललिता (68) का 75 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद निधन हो गया था।
जयललिता की सहयोगी रहीं पूर्व सांसद शशिकला पुष्पा ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर कर जयललिता के निधन की सीबीआई जांच करने की मांग की थी। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। मीडिया रिपार्टों में कहा गया था कि जयललिता की मौत संदिग्ध हालत में हुई थी। अंतिम संस्कार की तस्वीर देखने से पता चलता है कि उनके शरीर पर निशान थे।