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Hindi News ›   India News ›   Acid Attack Survivors to Be Awarded by President of India on Women's Day

तेजाब हमले की शिकार महिलाओं को राष्ट्रपति से मिलेगा पुरस्कार

Fri, 03 Mar 2017 03:15 AM IST
amarujala.com {Presented by: पवन नाहर}
amarujala.com {Presented by: पवन नाहर} Updated Fri, 03 Mar 2017 03:15 AM IST
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Acid Attack Survivors to Be Awarded by President of India on Women's Day
प्रणब मुखर्जी को लिखा पत्र - फोटो : PTI
आगरा की गीता माहोर और उसकी दो बेटियों पर उसके पति ने तेजाब डाला था। एक बच्ची की मौत हो गई। दूसरी बच्ची जिंदा है। बच्ची के साथ जीना बहुत मुश्किल था। एक गैर सरकारी संगठन छांव फाउंडेशन को इस महिला को देखकर शीरोज हैंगआउट कैफे का विचार आया। एनजीओ से मदद मिली और 10 सितंबर, 2014 को शीरोज कैफे सामने आया।
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इसमें आज 20 के करीब तेजाब हमले की शिकार महिलाएं काम करती हैं। आगरा, लखनऊ और उदयपुर में चल रहे इन तीनों कैफे के अभियान को राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति महिला पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 8 मार्च को यह पुरस्कार देंगे।
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शीरोज हैंगआउट दुनिया में इस तरह का पहला कैफे है, जहां तेजाब हमले की शिकार महिलाओं के चेहरे को ही असली पहचान मिली है। आगरा, लखनऊ और उदयपुर में काम कर रही 20 के करीब महिलाओं के अलावा कई और शिकार युवतियां दूसरे क्षेत्रों में काम करने की टे्रनिंग ले रही है। महिला दिवस के मौके पर महिला बाल विकास मंत्रालय की ओर से 30 के करीब महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
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महिलाओं को पहचान दिलाना है मकसद

Acid Attack Survivors to Be Awarded by President of India on Women's Day
शीरोज हैंगआउट कैफे - फोटो : Wittyfeed
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक छांव फाउंडेशन इस कैफे को चलाने के अलावा तेजाब हमलों के खिलाफ अभियान भी चला रहा है। फाउंडेशन के निदेशक आशीष शुक्ला कहते है कि कैफे के जरिए महिलाओं को आर्थिक मदद मिलती है। साथ ही वे मुख्यधारा में शामिल होती हैं। महिलाओं ने अब अपने चेहरे को ही अपनी पहचान बना ली है।

लखनऊ में सात से आठ, आगरा में आठ और उदयपुर में चार तेजाब हमले की शिकार महिलाएं शीरोजे कैफे में काम करती हैं। ये महिलाएं अपने परिवार की मदद कर रही हैं। तेजाब हमले के बाद कई महिलाओं के परिवार वालों ने इनसे दूरी बना ली थी। मगर आत्मनिर्भर होने के बाद अब इनके परिवार वालों ने इन्हें स्वीकार कर लिया है।
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