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राहत: पिता को किडनी दान करने वाले आरोपी को अस्पताल ले जाने की मिली मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को दिया निर्देश

Sun, 17 Oct 2021 03:00 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Sun, 17 Oct 2021 03:00 PM IST
सार

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने आरोपी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के  इस साल जून में दिए एक आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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accused expressed his desire to donate kidney to his father got permission by sc
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने अपने बीमार पिता को किडनी दान करने की इच्छा जताने वाले मादक पदार्थ मामले के एक आरोपी को जरूरत पड़ने पर आवश्यक चिकित्सा जांच के लिए जेल से अस्पताल ले जाने की अनुमति दी है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि आरोपी अगर किडनी दान करने के योग्य पाया जाता है और संबंधित सरकारी मेडिकल कॉलेज की समिति प्रतिरोपण की मंजूरी दे देती है तो वह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दे सकता है और अदालत ‘‘सहानुभूतिपूर्वक इस पर विचार’’ करेगी।

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न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने आरोपी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के  इस साल जून में दिए एक आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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याचिकाकर्ता के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसके पिता की किडनी ने काम करना बंद कर दिया है और उन्हें किडनी प्रतिरोपण की आवश्यकता है। वकील ने पीठ को बताया था कि याचिकाकर्ता अपने बीमार पिता को अपनी किडनी दान देना चाहता है।
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राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का किया विरोध
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप संगीन हैं और उसके अन्य भाई तथा बहनें है जो अपने पिता की देखभाल कर सकते हैं। इस पर पीठ ने इस महीने की शुरुआत में दिए आदेश में कहा, ‘‘माता-पिता की देखभाल करना एक बात है और किसी अभिभावक को किडनी दान देना अलग बात है, जिसके लिए सभी बच्चे खासतौर से शादीशुदा बच्चे, जिनके खुद के पति/पत्नी और बच्चे हैं, शायद राजी न हो।’’उसने कहा, ‘‘चूंकि याचिकाकर्ता अपने पिता को अपनी किडनी दान करना चाहता है तो उसे जरूरत पड़ने पर आवश्यक जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा सकता है।’’

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