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Mumbai: आरोपी ने मांगी जूते और बेल्ट पहनने की इजाजत, कोर्ट ने इस वजह से किया इनकार
Tue, 19 Jul 2022 07:29 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 19 Jul 2022 07:29 PM IST
सार
आरोपी के आवेदन के जवाब में तलोजा केंद्रीय कारागार के अतिरिक्त अधीक्षक ने जवाब में कहा कि जेल नियमावली ऐसी रियायतों का प्रावधान नहीं करती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मुंबई की एक विशेष अदालत ने एक आरोपी को अदालत की सुनवाई के दौरान जूते और बेल्ट पहनने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, क्योंकि जेल अधिकारियों ने कहा कि इससे दुखद घटनाएं हो सकती हैं। न्यायाधीश बी डी शेल्के ने भी इस तर्क से सहमति जताई कि जेल के अंदर जूतों का इस्तेमाल अवैध वस्तुओं की तस्करी के लिए किया जा सकता है। महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम की विशेष अदालत ने सोमवार को अजय करोसे द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जो छह साल से तलोजा जेल में बंद है।
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आरोपी बोला, पैर में हो रहा तेज दर्द
आरोपी ने अपनी अर्जी में कहा कि उसे पैर में तेज दर्द हो रहा है, जिसके कारण वह अदालत की सुनवाई में शामिल होने के दौरान चप्पल या किसी और तरह क खुले जूते नहीं पहन सकता। उसने कोर्ट में उपस्थित होने के दौरान बेल्ट और जूते पहनने की अनुमति मांगी। लेकिन तलोजा केंद्रीय कारागार के अतिरिक्त अधीक्षक ने जवाब में कहा कि जेल नियमावली ऐसी रियायतों का प्रावधान नहीं करती है। यदि बेल्ट की अनुमति दी जाती है, तो (आवेदक) द्वारा बेल्ट का उपयोग कर अन्य विचाराधीन कैदियों पर हमला करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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अधिकारी ने कहा कि इसी तरह कैदियों को जूते पहनने की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है और जूतों में छुपाकर जेल के अंदर अवैध और अनधिकृत सामान लाए जाने के मामले सामने आए हैं। अदालत ने माना कि जेल अधीक्षक का तर्क सही है। न्यायाधीश ने कहा कि अगर ऐसी चीजें मुहैया कराई जाती हैं तो जेल के अंदर दुखद घटनाएं होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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