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ABVP: एबीवीपी ने JNU छात्र संघ चुनाव के लिए घोषित किया पैनल, जातिगत समीकरणों के साथ मैदान में उतरेगा संगठन
Fri, 18 Apr 2025 09:57 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 18 Apr 2025 09:57 PM IST
सार
एबीवीपी ने छात्रसंघ चुनावों के लिए अपना पैनल घोषित कर दिया है। इस पैनल में बिहार, तेलंगाना, राजस्थान से प्रत्याशी देकर इसे अखिल भारतीय स्वरूप देने की कोशिश की है। साथ ही पैनल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित अलग-अलग समुदाय के उम्मीदवार देकर उम्मीदवारों के बीच भी जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है।
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ABVP संगठन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ के चुनावों में मोटे तौर पर वामपंथी छात्र संगठनों का ही कब्जा रहा है। भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को कुछ पदों पर सफलता मिलती रही है, लेकिन फिर भी विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति लेफ्ट के दबदबे वाली ही रही है।
लेकिन एबीवीपी का दावा है कि वह जेएनयू की 'लाल' दीवार को गिराने के लिए तैयार है। संगठन ने छात्रसंघ चुनावों के लिए अपना पैनल घोषित कर दिया है। इस पैनल में बिहार, तेलंगाना, राजस्थान से प्रत्याशी देकर इसे अखिल भारतीय स्वरूप देने की कोशिश की है। साथ ही पैनल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित अलग-अलग समुदाय के उम्मीदवार देकर उम्मीदवारों के बीच भी जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। संगठन का मानना है कि इससे संगठन को हर वर्ग के छात्रों का समर्थन मिलेगा।
एबीवीपी से किसे मिला अवसर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए शिखा स्वराज, उपाध्यक्ष पद के लिए निट्टू गौतम, सचिव पद के लिए कुणाल राय और संयुक्त सचिव पद के लिए वैभव मीणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के 16 स्कूलों और विभिन्न संयुक्त केंद्रों के 42 काउंसलर पदों के लिए भी अभाविप ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संगठन ने दावा किया है कि वह जेएनयू में लेफ्ट की राजनीति की खामियों को उठाते हुए छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाकर जीत हासिल करेगा।
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लेकिन एबीवीपी का दावा है कि वह जेएनयू की 'लाल' दीवार को गिराने के लिए तैयार है। संगठन ने छात्रसंघ चुनावों के लिए अपना पैनल घोषित कर दिया है। इस पैनल में बिहार, तेलंगाना, राजस्थान से प्रत्याशी देकर इसे अखिल भारतीय स्वरूप देने की कोशिश की है। साथ ही पैनल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित अलग-अलग समुदाय के उम्मीदवार देकर उम्मीदवारों के बीच भी जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। संगठन का मानना है कि इससे संगठन को हर वर्ग के छात्रों का समर्थन मिलेगा।
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एबीवीपी से किसे मिला अवसर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए शिखा स्वराज, उपाध्यक्ष पद के लिए निट्टू गौतम, सचिव पद के लिए कुणाल राय और संयुक्त सचिव पद के लिए वैभव मीणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के 16 स्कूलों और विभिन्न संयुक्त केंद्रों के 42 काउंसलर पदों के लिए भी अभाविप ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संगठन ने दावा किया है कि वह जेएनयू में लेफ्ट की राजनीति की खामियों को उठाते हुए छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाकर जीत हासिल करेगा।
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