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गोवा विधानसभा चुनाव: भाजपा को कितनी चुनौती दे पाएंगे कांग्रेस, आप और टीएमसी? इस बार है दिलचस्प मुकाबला
Thu, 20 Jan 2022 09:37 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 20 Jan 2022 09:37 PM IST
सार
गोवा विधानसभा चुनाव इस बार दिलचस्प नजर आ रहा है। विपक्षी दलों में गठबंधन नहीं होने के कारण भाजपा को फायदा मिल सकता है।
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Goa Elections 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस बार गोवा एक बहुकोणीय मुकाबले के लिए तैयार है। बंटा हुआ विपक्ष भाजपा को उखाड़ फेंकने का प्रयास कर रहा है, जो पिछले 10 वर्षों से इस तटीय राज्य में सत्ता में है। कांग्रेस इस बात पर जोर दे रही है कि वह भाजपा के लिए प्रमुख चुनौती है। लेकिन अन्य पार्टियां तृणमूल, आप, राकांपा-शिवसेना भी मैदान में हैं। गठबंधन के लिए इन दलों से उसकी बातचीत विफल होने के बाद उसके लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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2017 में भाजपा को मिले सबसे अधिक वोट
पिछले चुनाव परिणामों पर नजर डालने से पता चलता है कि भाजपा को 40 सदस्यीय विधानसभा में 13 सीटों पर विजय मिली थी और उसे सबसे अधिक 32.48 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस ने 28.35 प्रतिशत वोट हासिल किए थे और उसने सबसे अधिक 17 सीटों पर जीत हासिल की थी।
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प्रतिशत के लिहाज से महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) को 11.27 प्रतिशत वोट मिले थे और वह तीन सीटें जीतने में सफल रही थी, जबकि 58 निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक साथ 11.12 प्रतिशत वोट हासिल किए थे और तीन विजयी हुए थे।
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आप ने अमित पालेकर पर खेला दांव
आप ने गोवा के लिए कई बड़ी योजनाओं का एलान किया है और अमित पालेकर को अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है। आप ने 2017 के चुनावों में 6.27 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे और अपना खाता खोलने में विफल रही थी। जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने 2.28 प्रतिशत वोट हासिल किए थे और एक सीट जीती थी। इस बार शिवसेना एनसीपी के साथ गठबंधन कर गोवा चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। शिवसेना को 2017 के चुनावों में सिर्फ 0.09 प्रतिशत वोट ही मिले थे।
महाराष्ट्र जैसा गठबंधन गोवा में नहीं बन सका
शिवसेना नेता संजय राउत ने मीडिया से कहा कि गोवा में राजनीति बड़े पैमाने पर भू माफियाओं द्वारा नियंत्रित है, शिवसेना राज्य में आम आदमी को राजनीति के केंद्र में रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिवसेना और राकांपा गोवा में कांग्रेस के साथ महाराष्ट्र जैसा गठबंधन बनाने की इच्छुक थी, लेकिन प्रयास विफल रहे।
2022 के चुनावों के लिए कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन किया है, जबकि भाजपा ने किसी भी गठबंधन से परहेज किया है और सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने की योजना बनाई है। तृणमूल कांग्रेस ने एमजीपी के साथ गठबंधन किया है और कांग्रेस और राकांपा के नेताओं को भाजपा के लिए असली चुनौती देने का दावा किया है।