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आप सांसद का आरोप, निजी कंपनियों की शह पर सरकार ने फसलों में नमी का मानक घटाया
Mon, 15 Mar 2021 07:02 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Mon, 15 Mar 2021 07:02 PM IST
सार
आप नेताओं ने लगाया आरोप, प्राइवेट कंपनियों की शह पर भारतीय खाद्य निगम के फसलों की खरीद नियमों में किया जा रहा बदलाव, किसानों को होगा भारी नुकसान...
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अनाज मंडी
- फोटो : Amar Ujala (File)
विस्तार
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का असर अभी से दिखना शुरू हो गया है और किसानों को परेशान करने के लिए प्राइवेट सेक्टर की शह पर कानूनों में बदलाव किया जा रहा है। इससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
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आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि अभी तक फसलों की खरीद के समय नमी का मानक 14 फीसदी हुआ करता था, लेकिन अब इसे घटाकर 12 फीसदी किया जा रहा है। इससे किसानों की फसल में थोड़ी भी नमी रहने पर उनकी खरीदी नहीं होगी और उनकी फसलों का कम मूल्य निर्धारित किया जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान होगा।
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पंजाब प्रदेश अध्यक्ष भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके साथ ही यह बदलाव भी किया जा रहा है कि अलग-अलग फसलों की खरीद एक साथ नहीं होगी। यानी जो किसान अपना गेहूं अपने भंडारगृह में रखकर बाद में उसे धान की फसल के समय बेचना चाहेंगे, भारतीय खाद्य निगम उसकी खरीद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि निगम ने इसके पीछे यह तर्क दिया है कि दो फसलों की एक साथ खरीद होने पर वे आपस में मिल जाते हैं और इससे भंडारण में समस्या पैदा होती है।
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आप सांसद ने कहा कि इस तरह के बदलाव किसानों को परेशान करने के लिए किए जा रहे हैं। भारतीय खाद्य निगम के द्वारा फसलों की खरीद में इन नियमों में प्राइवेट सेक्टर की शह पर परिवर्तन किया जा रहा है। इससे किसानों को नुकसान होगा।
भगवंत मान और जनरैल सिंह ने कहा कि इस तरह के नियमों को लागू कर केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को परेशान करना चाहती है, लेकिन किसान यह साबित कर देंगे कि वे अपने बूते भी इस मैदान में डटे रहेंगे। उन्होंने कहा कि केवल पंजाब के किसान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उचित जवाब देंगे।