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केजरीवाल के दिल्ली मॉडल और किसानों के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी
Fri, 28 Dec 2018 09:27 PM IST
Avdhesh Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 28 Dec 2018 09:27 PM IST
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
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अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल के घर पर हुई। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में पार्टी ने उन सभी बिंदुओं को चिन्हित करने की कोशिश की जिनके आधार पर वह अगले लोकसभा चुनाव में सफलता प्राप्त कर सकती है। आप ने तय किया है कि वह केवल उन्हीं राज्यों में अपनी पूरी ताकत लगाने की रणनीति अपनाएगी जहां पार्टी का आधार मजबूत है। इसमें दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियााणा पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा। मुद्दों के रुप में दिल्ली के विकास मॉडल को जनता के बीच ले जाने की कोशिश की जाएगी।
आप ने उन मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया है जिन पर वह जनता के बीच जाएगी। अपनी सरकार की सफलताओं की चर्चा के साथ वह केंद्र सरकार की कमियों को भी जनता के सामने उभारने की कोशिश करेगी। इसके लिए कृषि का मुद्दा सबसे ऊपर रखने की कोशिश की जाएगी। केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना की तथाकथित असफलता का मुद्दा जोरशोर से उठाया जाएगा।
जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं वहां पर पार्टी किसानों की कर्जमाफी पर कांग्रेस की नीतियों की कमी को उजागर करेगी। हाल ही में यह बात स्पष्ट हुई है कि कर्नाटक, पंजाब और मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकारों ने किसानों की कर्जमाफी के लिए इस प्रकार की शर्तें तय कर दी हैं जिससे किसानों की भारी संख्या उस योजना का लाभ उठाने में असफल हो गई है। आप के मुताबिक कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
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बैठक के बाद मीडिया के सामने आए आप नेता गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं लोगों का हित करने की बजाय अहित करने लगी हैं। सरकार देश की संवैधानिक संस्थाओं को लगातार चोट पहुंचा रही है। वे जनता के बीच जाकर इन कमियों को उजागर करेंगे और लोगों को बताएंगे कि किस प्रकार सरकार देश की व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रही है।
आप किसान नेता रामपाल जाट ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही किसानों के साथ धोखा किया है। भाजपा ने फसल बीमा योजना के नाम पर जबरदस्ती किसानों के खातों से प्रीमियम के पैसे तो काट लिए, लेकिन कई राज्यों में किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। लेकिन उन्हें जो मुआवजा मिलना चाहिए था, वह नहीं दिया गया। किसानों से प्रीमियम के रूप में लिया गया था उसका 83 फीसदी हिस्सा बीमा कंपनियों की जेब में चला गया जबकि किसानों को केवल 17 फीसदी पैसा ही मिला।
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आप ने उन मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया है जिन पर वह जनता के बीच जाएगी। अपनी सरकार की सफलताओं की चर्चा के साथ वह केंद्र सरकार की कमियों को भी जनता के सामने उभारने की कोशिश करेगी। इसके लिए कृषि का मुद्दा सबसे ऊपर रखने की कोशिश की जाएगी। केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना की तथाकथित असफलता का मुद्दा जोरशोर से उठाया जाएगा।
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जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं वहां पर पार्टी किसानों की कर्जमाफी पर कांग्रेस की नीतियों की कमी को उजागर करेगी। हाल ही में यह बात स्पष्ट हुई है कि कर्नाटक, पंजाब और मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकारों ने किसानों की कर्जमाफी के लिए इस प्रकार की शर्तें तय कर दी हैं जिससे किसानों की भारी संख्या उस योजना का लाभ उठाने में असफल हो गई है। आप के मुताबिक कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
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बैठक के बाद मीडिया के सामने आए आप नेता गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं लोगों का हित करने की बजाय अहित करने लगी हैं। सरकार देश की संवैधानिक संस्थाओं को लगातार चोट पहुंचा रही है। वे जनता के बीच जाकर इन कमियों को उजागर करेंगे और लोगों को बताएंगे कि किस प्रकार सरकार देश की व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रही है।
आप किसान नेता रामपाल जाट ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही किसानों के साथ धोखा किया है। भाजपा ने फसल बीमा योजना के नाम पर जबरदस्ती किसानों के खातों से प्रीमियम के पैसे तो काट लिए, लेकिन कई राज्यों में किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। लेकिन उन्हें जो मुआवजा मिलना चाहिए था, वह नहीं दिया गया। किसानों से प्रीमियम के रूप में लिया गया था उसका 83 फीसदी हिस्सा बीमा कंपनियों की जेब में चला गया जबकि किसानों को केवल 17 फीसदी पैसा ही मिला।