सामने विरोध, पीछे अडानी ग्रुप से 6100 मेगावाट का बिजली समझौता, यही तो सियासत है भाई
- आप नेता भगवंत मान ने कहा- पंजाब सरकार किसानों से कर रही विश्वासघात, दिखावे के लिए कर रही अडानी का विरोध, पर्दे के पीछे अडानी समूह से किया बिजली समझौता
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किसान आंदोलन अपने चरम पर है। किसान भूख हड़ताल कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। वे कॉरपोरेट खेती का विरोध करने के लिए कुछ उद्योगपतियों का भी विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस नेता भी किसानों का सपोर्ट कर रहे हैं और वे अडानी सहित कई उद्योगपतियों के विरोध में बयान दे रहे हैं। लेकिन इसी बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार जिस समय किसानों के आंदोलन को समर्थन दे रही थी और उनके साथ अडानी सहित कुछ उद्योगपतियों का विरोध कर रही थी, उसी समय वह अडानी ग्रुप से राज्य के किसानों के लिए बिजली का समझौता भी कर रही थी। कांग्रेस नेता इस पर चुप हैं ।
पंजाब सरकार ने अडानी ग्रुप से किया ये करार
आप सांसद भगवंत मान का कहना है कि पंजाब सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए एक टेंडर निकाला था। इसके अंतर्गत 7000 मेगावाट बिजली की सप्लाई की जानी है। यह बिजली 15 जून 2021 से 30 अगस्त 2021 के बीच सप्लाई किया जाना है। इस टेंडर में अडानी पॉवर ग्रुप ने 6100 मेगावाट बिजली सप्लाई करने का टेंडर सबसे कम बोली लगाकर हासिल कर लिया है। बिजली की दरों पर कोई खुलासा कंपनी या राज्य सरकार की तरफ से नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह 3.35 रुपये से 3.59 रुपये के बीच हो सकती है। पंजाब को यह बिजली अडानी पॉवर समूह की मुंद्रा यूनिट और रायगढ़, छत्तीसगढ़ इकाई से सप्लाई की जाएगी। अडानी समूह ने रायगढ़ की बिजली कंपनी को जीएमआर ग्रुप से 3530 करोड़ रुपये में पिछले वर्ष ही खरीदा था।
आप ने किया वार
आप सांसद भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार किसानों के हितों के साथ समझौता कर रही है। एक तरफ तो वह किसानों के साथ खड़े होने का दावा करती है दूसरी तरफ वह उन्हीं उद्योगपतियों के साथ समझौते करती है जिनका वह दिखावे के लिए विरोध करती है। उन्होंने कहा कि इससे कैप्टन अमरिंदर सिंह की 'किसान हितैषी' वाली छवि सामने आ गई है।
पंजाब को खालिस्तान न बनाएं अमरिंदरः भाजपा
भाजपा ने भी इस मुद्दे पर पंजाब सरकार पर हमला किया है। भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने कहा है कि यह मामला सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पंजाब सरकार किसानों के मामले पर दोहरा रवैया अपना रही है। वह दिखावे के विरोध के लिए उद्योगपतियों का विरोध कर रही है, जबकि पर्दे के पीछे उनसे सांठ-गांठ कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को अच्छी तरह पता है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया कानून किसानों के हित में है, और इसलिए उन्हें सामने आकर कृषि कानूनों का समर्थन करना चाहिए।
कांग्रेस ने किया बचाव
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अडानी समूह से किए गए फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नेता की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वे हमेशा हंसी-मजाक वाली बात करते हैं और इस मामले में भी हास्य ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले पर टिप्पणी करते हुए मान ने पंजाब के किसानों के हितों पर व्यापक अध्ययन नहीं किया है, अन्यथा वे इस तरह की टिप्पणी नहीं करते।
कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि इस तरह के मामले उठाकर मुख्य मुद्दे को डायवर्ट करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। केंद्र सरकार को केवल यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य क्यों नहीं देना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसानों को खुले बाजार में ज्यादा मूल्य मिलने का लालच दिखाना मृगमरीचिका है। सरकार को जमीनी बदलाव करने की कोशिश करनी चाहिए।