फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Aaditya Thackeray says Did cheetah introduction increase revenue like Mumbai penguin project

Maharashtra: आदित्य ठाकरे का केंद्र से सवाल, बोले- क्या मुंबई के पेंग्विन की तरह कूनो के चीतों से राजस्व बढ़ा?

Sun, 25 Aug 2024 08:49 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Sun, 25 Aug 2024 08:49 PM IST
सार

प्रशासक के अधीन आने से पहले शिवसेना द्वारा संचालित बीएमसी ने 2016 में आठ हम्बोल्ट पेंग्विन मंगाई थी। इसमें से एक पेंग्विन की कुछ दिन बाद मृत्यु हो गई थी।

विज्ञापन
Aaditya Thackeray says Did cheetah introduction increase revenue like Mumbai penguin project
आदित्य ठाकरे - फोटो : ANI

विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के कूनो में आए चीतों से क्या मुंबई चिड़ियाघर में आईं पेंग्विन की तरह राजस्व में इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि चीतों को भारत लाने के बाद कितना राजस्व बढ़ा।

विज्ञापन


उन्होंने दावा किया कि मुंबई के वीरमाता जीजाबाई भोसले बोटेनिकल उद्यान में पेंग्विन आने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की कमाई बढ़ी है। दरअसल प्रशासक के अधीन आने से पहले शिवसेना द्वारा संचालित बीएमसी ने 2016 में आठ हम्बोल्ट पेंग्विन मंगाई थी। इसमें से एक पेंग्विन की कुछ दिन बाद मृत्यु हो गई थी। पेंग्विन के देखभाल पर हो रहे खर्च पर बीजेपी लगातार शिवसेना को घेरती रहती थी। पेंग्विन के देखभाल के लिए निकले टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप भी भाजपा ने लगाया था। ऐसा माना जाता था कि यह परियोजना आदित्य ठाकरे के निर्देशन में ही शुरू हुई थी। 
विज्ञापन


नामीबिया से आए थे आठ चीते
दरअसल, नामीबिया से आठ चीते सितंबर 2022 में भारत लाए गए थे। फिर दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते पिछले साल फरवरी में लाए गए थे। कुछ चीतों को शुरू में जंगल में छोड़ दिया गया था, लेकिन पिछले वर्ष अगस्त में तीन चीतों की सेप्टीसीमिया इन्फेक्शन के कारण मौत हो गई थी। भारत आने के बाद से सात वयस्क चीतों (तीन मादा और चार नर) की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी जंगल में एक ही चीता
अभी केवल एक चीता ही जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसे देख पाना और पकड़ना कठिन है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी 25 चीते स्वस्थ हैं। इसमें 13 वयस्क और 12 शावक शामिल हैं। भारत में 17 शावकों का जन्म हुआ है जिनमें 12 जीवित बचे हैं। केंद्र की चीता परियोजना संचालन समिति ने उन्हें जंगल में खुला छोड़ने का फैसला किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed