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सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका, सुनवाई जल्द
Tue, 22 Jan 2019 06:54 PM IST
Nilesh Kumar
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 22 Jan 2019 06:54 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। कारोबारी तहसीन पूनावाला ने सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण देने संबंधी संविधान संशोधन कानून को न्यायालय में चुनौती दी है। याचिका पर इस सप्ताह के दौरान ही सुनवाई की उम्मीद है।
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याचिका में कहा गया है कि इस संविधान संशोधन से आरक्षण के बारे में इंदिरा साहनी प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के 1992 के फैसले में प्रतिपादित मानदंड का उल्लंघन होता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस फैसले में स्पष्ट किया गया था कि आरक्षण के लिये पिछड़ेपन को सिर्फ आर्थिक आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता है।
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पूनावाला ने याचिका मे कहा है कि संविधान पीठ ने आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी निर्धारित की थी और आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान इस सीमा को लांघता है। याचिका में इस नये कानून पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। सामाजिक न्याय मंत्रालय इस संविधान संशोधन कानून को लागू करने संबंधी अधिसूचना भी जारी कर चुका है।