8th Pay Commission: अब कर्मियों को मिलेगी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की सौगात, कब और कितनी होगी DA में वृद्धि
अगर दिसंबर में भी यह आंकड़ा 145 के आस-पास रहता है तो डीए 56 फीसदी पर पहुंच जाएगा। पिछले कुछ वर्षों से डीए/डीआर में बढ़ोतरी तय समय से दो तीन महीने बाद हो रही है। भले ही जनवरी और जुलाई से डीए में बढ़ोतरी किए जाने का नियम है, लेकिन इसकी घोषणा मार्च व अक्तूबर में ही की जाती है। केंद्र सरकार, होली और दीवाली पर कर्मचारियों को डीए/डीआर बढ़ोतरी की सौगात देती है।
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केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। एक जनवरी 2026 से सरकारी कर्मियों के वेतनमान रिवाइज होने हैं। उससे पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत की दरों में बढ़ोतरी का इंतजार है। डीए/डीआर की दरों में जनवरी 2025 से वृद्धि होनी है। मौजूदा समय में 53 फीसदी की दर से डीए/डीआर मिल रहा है। अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) और महंगाई दर को देखें तो पहली जनवरी से डीए/डीआर में तीन फीसदी की वृद्धि संभव है। ऐसे में डीए की दर 56 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। पिछली बार भी महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। केंद्र सरकार, मार्च में होली से पहले डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है।
सातवें वेतन आयोग के अनुसार, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर होती है। जुलाई 2024 से दिसंबर 2024 तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से तय होगा कि जनवरी 2025 में केंद्र सरकार, डीए में कितना इजाफा कर सकती है। जुलाई 2024 से नवंबर 2024 तक का डेटा बताता है कि जनवरी 2025 में डीए की दरों में 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अभी तक दिसंबर के एआईसीपीआई के आंकड़े जारी नहीं हुए हैं।
अगर दिसंबर में भी यह आंकड़ा 145 के आस-पास रहता है तो डीए 56 फीसदी पर पहुंच जाएगा। पिछले कुछ वर्षों से डीए/डीआर में बढ़ोतरी तय समय से दो तीन महीने बाद हो रही है। भले ही जनवरी और जुलाई से डीए में बढ़ोतरी किए जाने का नियम है, लेकिन इसकी घोषणा मार्च व अक्तूबर में ही की जाती है। केंद्र सरकार, होली और दीवाली पर कर्मचारियों को डीए/डीआर बढ़ोतरी की सौगात देती है।
नवंबर 2024 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 144.5 अंकों के स्तर पर स्थिर रहा है। नवंबर 2024 के लिए मुद्रास्फीति दर नवंबर 2023 के 4.98 प्रतिशत की तुलना में 3.88 प्रतिशत रही है। श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन देश परिव्याप्त 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है।
अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक, अक्तूबर-नवंबर 2024
| समूह | अक्तूबर 2024 | नवंबर 2024 |
| खाद्य एवं पेय | 153.9 | 153.8 |
| पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ | 162.3 | 161.6 |
| कपड़े एवं जूते | 146.0 | 146.4 |
| आवास | 131.6 | 131.6 |
| ईंधन एवं प्रकाश | 148.4 | 148.5 |
| विविध | 137.7 | 137.9 |
| सामान्य सूचकांक | 144.5 | 144.5 |
सितंबर 2024 का अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 0.7 अंक बढ़कर 143.3 अंकों के स्तर पर संकलित हुआ है। सितंबर 2024 के लिए मुद्रास्फीति दर सितंबर 2023 के 4.72 प्रतिशत की तुलना में 4.22 प्रतिशत रही है।
अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक, अगस्त-सितंबर 2024
| समूह | अगस्त 2024 | सितंबर 2024 |
| खाद्य एवं पेय | 149.7 | 151.3 |
| पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ | 161.9 | 162.3 |
| कपड़े एवं जूते | 145.0 | 145.8 |
| आवास | 131.6 | 131.6 |
| ईंधन एवं प्रकाश | 148.9 | 148.8 |
| विविध | 136.9 | 137.4 |
| सामान्य सूचकांक | 142.6 | 143.3 |
अगस्त 2024 का अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 0.1 अंक घटकर 142.6 अंकों के स्तर पर संकलित हुआ है। अगस्त 2024 के लिए मुद्रास्फीति दर अगस्त 2023 के 6.91 प्रतिशत की तुलना में 2.44 प्रतिशत रही है।
अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक, जुलाई-अगस्त 2024
| समूह | जुलाई 2024 | अगस्त 2024 |
| खाद्य एवं पेय | 150.4 | 149.7 |
| पान, सुपारी, तंबाकू एवं | 162.0 | 161.9 |
| नशीले पदार्थ , कपड़े एवं जूते | 144.4 | 145.0 |
| आवास | 131.6 | 131.6 |
| ईंधन एवं प्रकाश | 148.8 | 148.9 |
| विविध | 136.6 | 136.9 |
| सामान्य सूचकांक | 142.7 | 142.6 |
पिछले चार महीनों की तुलना करें, तो दिसंबर महीने में महंगाई कुछ कम हुई है। दिसंबर 2024 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित खुदरा महंगाई में राहत मिली है। यह दर 5.22 फीसदी पर आ गई है। नवंबर में इसकी दर 5.48 फीसदी थी। एक साल पहले से तुलना करें तो दिसंबर 2023 में यह 5.69 फीसदी थी। बताया जा रहा है कि खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में नरमी की वजह से यह राहत मिली है। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स पर आधारित फूड इंफ्लेशन 8.39 फीसदी है। दिसंबर 2024 से पहले नवंबर में यह 9.05 फीसदी था। दिसंबर 2023 की तुलना करें तो यह 9.53 फीसदी था। दिसंबर में दाल की कीमतें 3.83 फीसदी बढ़ीं हैं, जबकि नवंबर में 5.4 फीसदी तक बढ़ गई थी। दूध की कीमत में 2.8 फीसदी बढ़ी हैं, जबकि नवंबर में कीमतें 2.9 फीसदी तक रहीं थी। मांस और मछली की कीमतों में 4.7 फीसदी तक तेजी देखने को मिली, जबकि नवंबर में कीमतें 5.3 फीसदी तक उछाल ले गई थी। अनाज के दामों में 4.7 फीसदी तक बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं नवंबर में 5.3 फीसदी तक दाम बढ़े थे। कपड़ों की कीमतों में 2.74 फीसदी तक वृद्धि देखी गई है। नवंबर में यह दर 2.8 फीसदी तक रही थीं।