{"_id":"5d0fd51d8ebc3e2ad649053a","slug":"84-percent-of-the-meteorological-department-feared-less-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम बारिश की आशंका, देश में पानी का संकट गहराया, 11 जलाशयों में पानी का भंडारण शून्य","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कम बारिश की आशंका, देश में पानी का संकट गहराया, 11 जलाशयों में पानी का भंडारण शून्य
Mon, 24 Jun 2019 01:17 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 24 Jun 2019 01:17 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के 84 प्रतिशत केंद्रों ने इस बार कम बारिश की आशंका जताई है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि देश के 91 बड़े जलाशयों में से 80 प्रतिशत में पानी सामान्य से कम है। यहां तक कि 11 जलाशयों में पानी का भंडारण शून्य प्रतिशत है, जो देश में पानी की भीषण कमी को दिखाता है।
देश में बारिश का मौसम 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलता है, लेकिन 22 जून तक मानसून में औसतन 39 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के 36 उप संभागों में से 25 प्रतिशत ने ‘कम’ वर्षा दर्ज की है, जबकि छह उप संभागों में बेहद कम बारिश दर्ज की गई। ओडिशा और लक्षद्वीप संभागों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी के चार संभाग हैं। पूर्व व उत्तर पूर्व, दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत।
पूर्व व उत्तर पूर्व संभाग में पूर्वोत्तर के राज्य बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आते हैं। इन सभी क्षेत्रों में कम बारिश हुई है। मध्य भारत के 10 उप संभागों में से सिर्फ ओडिशा में सामान्य बारिश हुई है। महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उप संभागों में बेहद कम बारिश हुई है। इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है।
विज्ञापन
पूर्वी मध्य प्रदेश उप संभाग में भी बेहद कम वर्षा दर्ज हुई है। मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उप संभागों में भी कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, अरब सागर से पिछले दिनों उठे चक्रवात ‘वायु’ ने जरूर बारिश की कमी से कुछ राहत दिलाई है।
विज्ञापन
देश में बारिश का मौसम 1 जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलता है, लेकिन 22 जून तक मानसून में औसतन 39 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के 36 उप संभागों में से 25 प्रतिशत ने ‘कम’ वर्षा दर्ज की है, जबकि छह उप संभागों में बेहद कम बारिश दर्ज की गई। ओडिशा और लक्षद्वीप संभागों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी के चार संभाग हैं। पूर्व व उत्तर पूर्व, दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत।
विज्ञापन
पूर्व व उत्तर पूर्व संभाग में पूर्वोत्तर के राज्य बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल आते हैं। इन सभी क्षेत्रों में कम बारिश हुई है। मध्य भारत के 10 उप संभागों में से सिर्फ ओडिशा में सामान्य बारिश हुई है। महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र सहित चार उप संभागों में बेहद कम बारिश हुई है। इन क्षेत्रों के जलाशयों में भंडारण बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंचने के कारण यहां सूखे जैसी स्थिति है।
विज्ञापन
पूर्वी मध्य प्रदेश उप संभाग में भी बेहद कम वर्षा दर्ज हुई है। मध्य भारत के गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ उप संभागों में भी कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, अरब सागर से पिछले दिनों उठे चक्रवात ‘वायु’ ने जरूर बारिश की कमी से कुछ राहत दिलाई है।