Rajya Sabha: ‘रूस की सेना में काम कर रहे आठ भारतीयों की मौत’, गृह राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दी जानकारी
राज्य सभा में सरकार ने बताया कि रूस के सैन्य बलों में काम कर रहे आठ भारतीयों की मौत हो गई है। सरकार ने यह भी बताया कि 12 भारतीयों ने पहले से ही रूसी सेना को छोड़ दिया है। इसके अलावा वहां काम कर रहे 63 भारतीय कर्मी जल्दी सेवानिवृत्ति चाहते हैं।
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भारत सरकार ने राज्य सभा में एक अहम जानकारी दी है। सदन में सरकार ने बताया कि रूस के सैन्य बलों में काम कर रहे आठ भारतीयों की मौत हो गई है। सरकार ने यह भी बताया कि 12 भारतीयों ने पहले से ही रूसी सैन्य बलों को छोड़ दिया है। राज्य सभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि रूसी सैन्य बलों में काम कर रहे 63 भारतीय कर्मी जल्दी सेवानिवृत्ति चाहते हैं। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, ‘रूसी सैन्य बलों में काम कर रहे आठ भारतीयों की मौत हुई है।’
राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री ने क्या कहा?
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि रूसी सैन्य बलों में काम कर रहे कुछ भारतीयों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उन्हें जल्द से जल्द कार्यों से मुक्त किया जाए। इन भारतीयों को कथित तौर से अस्पष्ट परिस्थियों में रूस की सेनाओं में शामिल किया गया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने आगे कहा कि अभी तक वहां मौजूद भारतीयों की सही संख्या की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार 12 भारतीय पहले ही रूस की सेना को छोड़ चुके हैं और करीब 63 भारतीय चाहते हैं कि उन्हें जल्द से जल्द कार्य मुक्त किया जाए।
पीएम मोदी भी उठा चुके हैं मुद्दा
आपको बता दें कि अपनी रूस यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को मजबूत तरीके से उठाया था। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने रूस की सेना में काम कर रहे भारतीयों को तत्काल स्वेदश भेजने की मांग की थी।
पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की तैयारी
राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा भारतीयों के पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराई गई है। उन्होंने कहा कि आगे भी भारतीयों की मदद के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जून के महीने में भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि रूस की सेनाओं में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस से भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।