पश्चिम बंगाल गंगासागर मेले में भगदड़, 6 लोगों की मौत
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गंगासागर मेले से वापसी के समय रविवार शाम को बोट पर चढ़ने के लिए मची भगदड़ में कम से कम छह महिला तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। घायलों में आठ की हालत गंभीर बताई गई है। इससे मृतकों की तादाद बढ़ने का अंदेशा है। हालांकि सरकारी तौर पर फिलहाल तीन लोगों के मरने की ही पुष्टि की गई है। तमाम घायलों को सागर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अब तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। हादसा रविवार शाम को लगभग छह बजे हुआ। राज्य सरकार ने मतृकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। प्रशासन ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। राज्य के सुंदरवन विकास मंत्री मंटूराम पाखिरा ने पत्रकारों को बताया कि मरने वाली सभी महिलाएं हैं। भीड़ और बाद में मची भगदड़ की वजह से वे बेहोश हो गई थीं।
मंत्री ने दावा किया कि उन सबकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने बताया कि भीड़ में भगदड़ की वजह से यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मेले से लौटने वाली भीड़ काफी देर से बूढ़ीगंगा नदी पार करने के लिए कचुबेड़िया जेटी पर इंतजार कर रही थी। लांच वहां पहुंचते ही लोगों में उस पर चढ़ने के लिए भगदड़ मच गई।
Gangasagar fair stampede: Stampede happened on jetty number 5 of Kachuberia area (South24 Parganas) while people were getting on the boat
— ANI (@ANI_news) January 15, 2017
तीर्थयात्री गंगासागर रिकार्ड तादाद में पहुंचे
दरअसल, पूरा मामला ज्वार-भाटे की वजह से बिगड़ा। लोगों को लगा कि भाटा होने की वजह से अगला बोट शीघ्र यहां नहीं आएगा। इसलिए किसी भी तरह वे इसी में चढ़ने का प्रयास करने लगे। इससे मची भगदड़ में कई लोग जमीन पर गिर गए और भीड़ उनको पैरों तले रौंदती बढ़ती रही।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि दो लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई जबिक एक महिला समेत चार लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ा। इस हादसे में बचे एक तीर्थयात्री रामअवतार महतो ने बताया कि हम लोग तीन घंटे से बोट का इंतजार कर रहे थे। लांच आते ही तमाम लोग एक साथ उस पर सवार होने के लिए लपके। किसी ने कह दिया कि ज्वार नहीं आने तक दूसरा बोट यहां नहीं आएगा। इसलिए सब इसी लांच पर सवार होने का प्रयास कर रहे थे।
उसने बताया कि भगदड़ में कुछ लोग जमीन पर गिर गए। बीमारी और पैरों तले रौंदे जाने से उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद लांच की आवाजाही रोक दी गई है और भारी तादाद में पुलिस वाले और आपदा प्रबंधन विभाग के सदस्य मौके पर तैनात हैं। इस बार रिकार्ड तादाद में तीर्थयात्री गंगासागर पहुंचे थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार व रविवार को लगभग 16 लाख लोगों ने यहां डुबकी लगाई। मेले में सुरक्षा इंतजाम पहले के मुकाबले बेहतर होने की वजह से वहां तो कोई हादसा नहीं हुआ। लेकिन वापसी के समय हुए इस हादसे में एक बार फिर भीड़ को नियंत्रित करने के तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है।