{"_id":"611c6c4f8ebc3e42cd4ecf18","slug":"53-percent-parents-agreed-to-reopen-school-and-44-percent-clearly-refuse","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना महामारी: 53 फीसदी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार, 44 फीसदी का साफ इंकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना महामारी: 53 फीसदी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार, 44 फीसदी का साफ इंकार
Wed, 18 Aug 2021 07:41 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 18 Aug 2021 07:41 AM IST
सार
सर्वे के दौरान देश के 378 जिलों में रहने वाले 24 हजार अभिभावकों से 47 हजार से भी अधिक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। इनमें 66 फीसदी पुरुष और 34 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
school
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी और अब तक बच्चों का टीकाकरण शुरू न होने के चलते स्कूल खोलने को लेकर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में लोकल सर्वे में 53 फीसदी अभिभावकों ने स्कूल खोले जाने पर सहमति जताई है, लेकिन वे चाहते हैं कि कोरोना का जांच केंद्र स्कूल के आसपास होना चाहिए। ताकि जरूरत पड़ने पर नजदीक में जांच कराई जा सके। जबकि 44 फीसदी अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से साफ इनकार किया है।
विज्ञापन
9711 अभिभावकों से बातचीत करते हुए नौ फीसदी ने बताया कि उनके यहां स्कूल खुल चुके हैं। जबकि 15 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि आगामी एक सिंतबर से स्कूल शुरू हो जाने चाहिए।
विज्ञापन
इतना ही नहीं इस साल फरवरी से अब तक की बात करें तो जून माह के दौरान स्कूल नहीं खुलने के पक्षधर 76 फीसदी अभिभावक थे, लेकिन जुलाई में 48 और अगस्त में इनकी संख्या घटकर 44 फीसदी रह गई है।
विज्ञापन
5245 बच्चों पर आधारित शोध का दावा
बच्चों की जीवनशैली बदल गई
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौर में पूरी जीवनशैली बदल गई है। बच्चों का घर से बाहर निकलना, मैदान में खेलना लगभग पूरी तरह बंद हो गया है।
- बच्चों में आलस बढ़ गया है, वे सोने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बच्चों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर दिख रहा है।