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45 साल बाद, अगले साल टूरिस्ट करेगें चंद्रमा की यात्रा
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Feb 2017 02:16 PM IST
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अगले साल दो आम लोग को चांद पर भेजा जायेगा। प्राइवेट स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स द्वारा सोमवार को इस बात का खुलासा किया गया कि अगले साल 2018 के अंत में दो आम लोगों को चंद्रमा पर भेजा जायेगा।
स्पेसएक्स के सीईओ एलोन मस्क ने इस बात का एलान करते हुए कहा कि हमारी कंपनी को दो लोगों ने चंद्रमा पर जाने के लिए उपयुक्त भुगतान किया है। 'प्राइवेट सिटीजन' ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत इन दोनों यात्रियों को ट्रेनिंग दी जायेगी, उसके बाद अगले साल 2018 के अंत तक दोनों टूरिस्ट को चंद्रमा पर भेजा जायेगा।
दोनो यात्रियों का नाम पूछने पर अमेरिका की प्राइवेट स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स ने दोनों टूरिस्ट के नाम बताने से मना कर दिया है। सीईओ एलोन मस्क से पृथ्वी से चंद्रमा तक जाने के खर्च पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसकी भी घोषणा करने से मना कर दिया।
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स्पेसएक्स के सीईओ एलोन मस्क ने इस बात का एलान करते हुए कहा कि हमारी कंपनी को दो लोगों ने चंद्रमा पर जाने के लिए उपयुक्त भुगतान किया है। 'प्राइवेट सिटीजन' ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत इन दोनों यात्रियों को ट्रेनिंग दी जायेगी, उसके बाद अगले साल 2018 के अंत तक दोनों टूरिस्ट को चंद्रमा पर भेजा जायेगा।
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दोनो यात्रियों का नाम पूछने पर अमेरिका की प्राइवेट स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स ने दोनों टूरिस्ट के नाम बताने से मना कर दिया है। सीईओ एलोन मस्क से पृथ्वी से चंद्रमा तक जाने के खर्च पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसकी भी घोषणा करने से मना कर दिया।
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2001 में रूस ने प्रत्येक यात्री 20 मिलियन डॉलर लिया था किराया
मगर बताया जा रहा है कि रूस की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन मिशन के तहत 2001 में चंद्रमा पर टूरिस्ट को भेजने के लिए प्रत्येक यात्री 20 मिलियन डॉलर लिये थे। बताया ये भी जा रहा कि स्पेसएक्स द्वारा भेजे जा रहे यात्री काफी तेज गति से यात्रा करेंगे।
साथ ही सौर मंडल में ज्यादा दूरी पर सफर कर सकेगें। आपको बता दें कि नासा ने अपने अपोलो- 11 अभियान के तहत 1969 में एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एल्विन एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस को चांद पर भेजा था। चंद्रमा पर पहली बार आर्मस्ट्रॉन्ग पहुंचे थे।
आखिरी बार 7 दिसंबर 1972 को अपोलो-17 स्पेसक्राफ्ट से यूगीन सरनन, रोनाल्ड इवान्स और हैरिसन स्किमिट चांद पर भेजे गए थे। चांद पर आखिरी कदम रखने वाले यूगीन सरनन का बीती जनवरी को निधन हो गया।
साथ ही सौर मंडल में ज्यादा दूरी पर सफर कर सकेगें। आपको बता दें कि नासा ने अपने अपोलो- 11 अभियान के तहत 1969 में एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रॉन्ग, एल्विन एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस को चांद पर भेजा था। चंद्रमा पर पहली बार आर्मस्ट्रॉन्ग पहुंचे थे।
आखिरी बार 7 दिसंबर 1972 को अपोलो-17 स्पेसक्राफ्ट से यूगीन सरनन, रोनाल्ड इवान्स और हैरिसन स्किमिट चांद पर भेजे गए थे। चांद पर आखिरी कदम रखने वाले यूगीन सरनन का बीती जनवरी को निधन हो गया।
Fly me to the moon ... Okhttps://t.co/6QT8m5SHwn
— Elon Musk (@elonmusk) February 27, 2017