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Cyclone: ओडिशा में चक्रवात को लेकर 45 दिनों के लिए अलर्ट जारी, सरकार ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
Fri, 06 Oct 2023 05:40 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 06 Oct 2023 05:40 PM IST
सार
Cyclone: भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक एचआर विश्वास ने कहा कि चक्रवात दक्षिण पश्चिम से 10 अक्तूबर तक वापस हो सकता है। चक्रवात बंगाल की खाड़ी में 45 दिनों तक ही स्थिर रहते हैं। 10 अक्तूबर से राज्य में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
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नवीन पटनायक (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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विस्तार
ओडिशा में चक्रवात को लेकर राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है। इसको लेकर राज्य सरकार ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर बैठक कर 45 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। बता दें कि ओडिशा में अक्तूबर और नवम्बर महीने को चक्रवात काल कहा जाता है क्योंकि पिछले कई वर्षों से इन दिनों ही दस्तक देता है।
इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को मुख्य सचिव पीके जेना ने चक्रवात को लेकर बड़ें स्तर पर बैठक की। इसमें कलेक्टर और सचिव अधिकारियों को 10 अक्तूबर से 45 दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए तैयारियां और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चक्रवात दक्षिण पश्चिम से 10 अक्तूबर तक वापस हो सकता है
बैठक में भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक एचआर विश्वास ने भी भाग लिया। इस दौरान सरकार को जानकारी देते हुए विश्वास ने कहा कि चक्रवात दक्षिण पश्चिम से 10 अक्तूबर तक वापस हो सकता है। चक्रवात बंगाल की खाड़ी में 45 दिनों तक ही स्थिर रहते हैं। पिछले साल भी चक्रवात राज्य में 45 दिनों तक ही बने थे, इसलिए 10 अक्तूबर से राज्य में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
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1999 में 10 बड़ें चक्रवात का सामना करना पड़ा
बता दें कि ओडिशा में 1999 में 10 बड़ें चक्रवात का सामना करना पड़ा था और यह अक्तूबर यानी चक्रवात काल में ही आए थे। 29 अक्तूबर 1999 में चक्रवात की चपेट में आकर तटीय जिले के जगतसिंहपुर और केंद्रपारा के 10,000 लोगों की मृत्यु हो गई थी। पिछले कुछ वर्षो से छोटे या बड़ें चक्रवात अक्तूबर और नवंबर महीने में ही आए है।
इस बैठक में भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक एचआर विश्वास, 12 विभाग सचिव, डीजी फायर सर्विस, स्पेशल रिलिफ कमिश्नर, एनडीआरएफ और ओडीआरएफ हेड आदि शामिल हुए।
राज्य में लोगों को जागरूक किया जाए
राज्य में चक्रवात की पिछले वर्ष की स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव पीके जेना ने कलेक्टर और अधिकारियों को कहा कि 10 अक्तूबर तक जल्द से जल्द सभी तैयारियां पूरी कर लें और व्यवस्था भी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने अधिकारियों से आपदा में काम आने वाली मशीनों को तैयार करने और नई मशीनों को खरीदने के लिए भी निर्देश दिए। जेना ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों और शहरी क्षेत्रों में ट्यूवेल चालू हैं या नहीं, इसपर ध्यान दें। आपदा संभावित क्षेत्रों में महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांग लोगों की लिस्ट बनाएं, जिससे आपदा के दौरान इन लोगों की मदद की जा सके। राज्य में लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव ने दवाइयों, एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम के लिए भी निर्देश दिए, जिससे समय पर उपचार किया जा सके।
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इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को मुख्य सचिव पीके जेना ने चक्रवात को लेकर बड़ें स्तर पर बैठक की। इसमें कलेक्टर और सचिव अधिकारियों को 10 अक्तूबर से 45 दिनों के लिए अलर्ट जारी करते हुए तैयारियां और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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चक्रवात दक्षिण पश्चिम से 10 अक्तूबर तक वापस हो सकता है
बैठक में भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक एचआर विश्वास ने भी भाग लिया। इस दौरान सरकार को जानकारी देते हुए विश्वास ने कहा कि चक्रवात दक्षिण पश्चिम से 10 अक्तूबर तक वापस हो सकता है। चक्रवात बंगाल की खाड़ी में 45 दिनों तक ही स्थिर रहते हैं। पिछले साल भी चक्रवात राज्य में 45 दिनों तक ही बने थे, इसलिए 10 अक्तूबर से राज्य में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
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1999 में 10 बड़ें चक्रवात का सामना करना पड़ा
बता दें कि ओडिशा में 1999 में 10 बड़ें चक्रवात का सामना करना पड़ा था और यह अक्तूबर यानी चक्रवात काल में ही आए थे। 29 अक्तूबर 1999 में चक्रवात की चपेट में आकर तटीय जिले के जगतसिंहपुर और केंद्रपारा के 10,000 लोगों की मृत्यु हो गई थी। पिछले कुछ वर्षो से छोटे या बड़ें चक्रवात अक्तूबर और नवंबर महीने में ही आए है।
इस बैठक में भुवनेश्वर के मौसम विभाग के निदेशक एचआर विश्वास, 12 विभाग सचिव, डीजी फायर सर्विस, स्पेशल रिलिफ कमिश्नर, एनडीआरएफ और ओडीआरएफ हेड आदि शामिल हुए।
राज्य में लोगों को जागरूक किया जाए
राज्य में चक्रवात की पिछले वर्ष की स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव पीके जेना ने कलेक्टर और अधिकारियों को कहा कि 10 अक्तूबर तक जल्द से जल्द सभी तैयारियां पूरी कर लें और व्यवस्था भी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने अधिकारियों से आपदा में काम आने वाली मशीनों को तैयार करने और नई मशीनों को खरीदने के लिए भी निर्देश दिए। जेना ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों और शहरी क्षेत्रों में ट्यूवेल चालू हैं या नहीं, इसपर ध्यान दें। आपदा संभावित क्षेत्रों में महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांग लोगों की लिस्ट बनाएं, जिससे आपदा के दौरान इन लोगों की मदद की जा सके। राज्य में लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव ने दवाइयों, एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम के लिए भी निर्देश दिए, जिससे समय पर उपचार किया जा सके।