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साल 2017 में कोहरे से ही नहीं मरम्मत कार्य के कारण भी लेट हुई 40 फीसदी ट्रेन

Mon, 08 Jan 2018 07:23 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Mon, 08 Jan 2018 07:23 AM IST
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40 percent train Late due to repair work in 2017
रेलवे - फोटो : SELF
देश में हर 10 में से चार ट्रेन कोहरे, दुर्घटना से नहीं बल्कि बडे़ पैमाने पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण लेट हो रही है। यह जानकारी एक आधिकारिक आंकडे़ से सामने आई है। साल 2017 में अप्रैल से दिसंबर तक साल 2016 की समान अवधि की तुलना में पटरियों की मरम्मत के काम में 43 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ऐसा लगता है कि यात्रियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
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साल 2016 में 16092 ट्रेनें अपने गंतव्य पर देरी से पहुंची जबकि साल 2017 में इनकी संख्या 1,09,704 पहुंच गई। इनमें से पांच फीसदी ट्रेन दुर्घटना के कारण लेट हुईं। 20 फीसदी ट्रेनों के लेट होने का कारण इंजन के खराब होने जैसे कारण और 40 फीसदी मरम्मत कार्य के कारण लेट हुईं। शेष में देरी का मौसम रहा। अधिकारियों का कहना है आने वाले साल में सुरक्षा रेलवे की शीर्ष प्राथमिकता है। यात्रियों को  मरम्मत और सुधार के कारण होने वाले देरी सहने के लिए तैयार रहना होगा।
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हर महीने खर्च होंगे एक हजार करोड़ रुपये

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच मरम्मत कार्य के लिए ब्लॉक समय में साल 2016 की समान अवधि 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसका परिणाम देशभर के नेटवर्क में देरी के रूप में सामने आया। रेलवे की तरफ से अक्तूबर 2017 से पुरानी पटरियों को बदलने के लिए हर महीने एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। रेल मंत्री ने मौजूदा वित्त वर्ष में 36 किलोमीटर पटरियों का बदलने का लक्ष्य तय किया है।
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