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तमिलनाडु एक सप्ताह के भीतर नीट परीक्षा के चार उम्मीदवारों ने की आत्महत्या
Sun, 13 Sep 2020 12:57 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 13 Sep 2020 12:57 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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तमिलनाडु में इस सप्ताह चार छात्रों ने आत्महत्या की। इन चारों को नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) में शामिल होना था। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देशभर में आज से चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है।
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आदित्य, ज्योतिश्री और विग्नेश नाम के तीन छात्र कल मृत पाए गए। वहीं, तमिलनाडु के तिरुचेनगोडे शहर के एक व्यापारी का बेटा मोतीलाल (20) पिछले साल प्रवेश परीक्षा नहीं दे सका था, उसे आज एक बार फिर परीक्षा देनी थी।
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धर्मापुरी में एक रद्दी व्यापारी के बेटे आदित्य को भी इस साल होने वाली परीक्षा में हिस्सा लेना था। वह पिछले साल हुई नीट परीक्षा को पास करने में विफल रहा था। आदित्य कल अपने घर पर मृत पाया गया।
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पुलिस ने बताया कि मदुरै की 19 वर्षीय छात्रा ज्योतिश्री पिछले साल हुई नीट परीक्षा के बाद से कॉलेज में अपने नंबर आने का इंतजार कर रही थी, लेकिन उसने कल आत्महत्या कर ली। वहीं, अरियालुर में एक किसान के बेटे विग्नेश ने भी आत्महत्या कर लिया। विग्नेश पिछले साल निजी कॉलेज में दाखिला लेने में असमर्थ रहा था।
राज्य ने पहले केंद्र से कोरोना वायरस संकट के कारण तमिलनाडु को नीट परीक्षाओं से छूट देने और बारहवीं कक्षा के अंकों के आधार पर चिकित्सा प्रवेश की अनुमति देने का आग्रह किया था। एक कदम आगे बढ़ते हुए, पीएमके के संस्थापक एस रामादोस ने गुरुवार को मांग की कि नीट परीक्षाओं को स्थायी रूप से रद्द कर देना चाहिए। उन्होंने गुरुवार को कहा, नीट को खत्म करना ही एकमात्र उपाय है।
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने नीट परीक्षाओं को कोविड-19 महामारी के बीच कराने की कड़ी आलोचना की थी। स्टालिन लगातार केंद्र से इसे टालने के लिए कह रहे हैं। पिछले सप्ताह स्टालिन ने कहा था कि नीट ने छात्रों को अस्थिर कर दिया है।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेलवम ने भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और माता-पिता को इसमें उनकी मदद करनी चाहिए।