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Hindi News ›   India News ›   4 cr eligible beneficiaries havn't taken even single dose of COVID-19 vaccine as on July 18: Govt

COVID-19 Vaccine: करीब चार करोड़ लोगों ने नहीं ली कोरोना वैक्सीन की एक भी खुराक, सरकार ने दी जानकारी

Fri, 22 Jul 2022 06:12 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 22 Jul 2022 06:12 PM IST
सार

इस साल 16 मार्च से सरकारी सीवीसी में स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लाभार्थियों के लिए एहतियाती खुराक मुफ्त उपलब्ध थी। 

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4 cr eligible beneficiaries havn't taken even single dose of COVID-19 vaccine as on July 18: Govt
corona vaccine - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

करीब 4 करोड़ पात्र लाभार्थियों ने 18 जुलाई तक कोविड-19 वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं ली है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को लोकसभा को यह सूचित किया। उन्होंने एक लिखित उत्तर में कहा कि 18 जुलाई तक सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) में कुल 1,78,38,52,566 वैक्सीन खुराक (97.34 प्रतिशत) मुफ्त में दी गई हैं। 18 जुलाई तक करीब 4 करोड़ पात्र लाभार्थियों ने कोविड के टीके की एक भी खुराक नहीं ली है। उन्होंने एक भी खुराक नहीं लेने वाले लोगों की संख्या और प्रतिशत पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। 

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इस साल 16 मार्च से सरकारी सीवीसी में स्वास्थ्य कर्मियों (एचसीडब्ल्यू), फ्रंटलाइन वर्कर्स (एफएलडब्ल्यू) और 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लाभार्थियों के लिए एहतियाती खुराक मुफ्त उपलब्ध थी और निजी सीवीसी में 10 अप्रैल से 18-59 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीके उपलब्ध थे। सरकारी टीकाकरण केंद्रों में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को एहतियाती खुराक देने के लिए विशेष 75-दिवसीय अभियान 15 जुलाई से शुरू हुआ था। अभियान 'कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव' का उद्देश्य पात्र लोगों के बीच कोविड की एहतियाती खुराक को बढ़ावा देना है।  
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स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत की 98 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि 90 प्रतिशत को पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है। 
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23 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता नंबर बनाए गए 
वहीं, अब तक लगभग 23 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) नंबर बनाए गए हैं, जो 14 अंकों की स्वास्थ्य आईडी है। इसमें आंध्र प्रदेश ने सबसे अधिक 3.21 करोड़ कार्ड बनाए हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश और बिहार का स्थान है। लोकसभा में शुक्रवार को सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) सत्यापन के साथ सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए आभा (ABHA) नंबर तैयार किए जा सकते हैं।


आभा नंबर एक 14-अंकों की आईडी है जो उपयोगकर्ताओं को अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड और चिकित्सा जांच को ऑनलाइन सहेजने की अनुमति देता है। डेटा को देश भर में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा ऑनलाइन एक्सेस और साझा किया जा सकता है। पवार ने कहा कि आभा नंबर बनाना स्वैच्छिक है। 15 जुलाई, 2022 तक कुल 22,97,64,327 आभा नंबर बनाए गए हैं। 

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