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इराक में 39 भारतीयों की मौत: नाराज परिवारों ने पूछा- सरकार ने हमें अंधेरे में क्यों रखा?

Wed, 21 Mar 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Mar 2018 09:58 AM IST
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39 Indian killed in Iraq: deceased family slams Modi Government
इराक में भारतीयों की मौत के बाद बिलखते परिजन

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में बताया कि इराक में लापता सभी 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। जिसके बाद मृतकों के परिवार की आखिरी उम्मीद भी टूट गई। सुषमा स्वराज के बयान के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। नाराज परिवारों ने कहा कि सरकार उन्हें इसकी जानकारी देने में देरी की।  

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इराक में 39 मृत भारतीयों में शामिल मंजिंदर सिंह की बहन गुरपिंदर ने कहा कि हम पिछले 4 सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। अब हमें यह जानकारी टीवी के माध्यम से दी गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हमें डीएनए रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने हमें धोखा दिया है। जैसे ही उन्हें इराक में भारतीयों की मौत की जानकारी लगी, उन्हें परिवारों से बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 
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वहीं एक अन्य भारतीय मृतक रूप लाल की पत्नी कमलजीत कौर ने बताया कि वह (रूपलाल) सात पहले इराक गए थे। हमने आखिरी बार उनसे 2015 में बात की थी। उनके डीएनए सैंपल 2-3 महीने पहले लिए गए थे। अब हमारी जिंदगी का कोई सहारा नहीं बचा। 
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इराक में मृत भारतीय नागरिक निशान के भाई श्रवण ने सुषमा स्वराज पर आरोप लगाया कि उन्होंने हम सबको अंधेरे में रखा। श्रवण ने पीटीआई से बात करते हुए बताया कि हमने सुषमा स्वराज से 11-12 बार मुलाकात की, उन्होंने हर बार कहा कि लापता भारतीय जिंदा है। वह हमको दिलासा देती रहीं कि हरजीत मसीह (इराक से लौटा जीवित भारतीय) झूठ बोल रहा है। फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने सबको मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हमसे यह भी कह सकती थी कि हमें लापता भारतीयों की जानकारी नहीं है।    

पंजाब स्थित कपूरथला जिले के मुरर गांव के रहने वाले गोबिंदर सिंह का परिवार भी सदमे में है। उन्होंने कहा कि हमे गोबिंदर की मौत की जानकारी टीवी के माध्यम से मिली। विदेश मंत्रालय की तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। गोबिंदर के भाई देविंदर ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि हमारे परिवार को वित्तिय मदद मुहैया कराई जाए। गोबिंदर के बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि वह अपने परिवार की देखभाल कर सके। 

पिता को देख भी नहीं पाए अनन्या और रुद्राक्ष

39 Indian killed in Iraq: deceased family slams Modi Government
Hemraj Family

चार वर्ष की अनन्या और 7 वर्षीय रुद्राक्ष अपने पिता का चेहरा भी नहीं देख पाए। इन मासूम बच्चों को अब पिता का दुलार नसीब नहीं होगा और जिनके सुनहरे भविष्य की तलाश में इनके पिता इराक गए थे वे भी बच्चों की यादों को अपनी आंखों में समेटने से महरूम रह गए। मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र के बायला निवासी हेमराज की इराक के मोसुल में हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गरीबी दूर करने इराक गया परिवार का इकलौता बेटा नहीं लौटा।  हेमराज 31 जुलाई 2013 को इराक गया था। 14 जून 2014 को आखिरी बार पत्नी निर्मला से हेमराज की बात हुई थी।

उधर, इराक में अपने पिता की मौत की खबर से अंजान संदीप के 7 वर्षीय बेटे रुद्राक्ष को पता ही नहीं था कि यकायक उनके घर इतना मातम या भीड़ क्यों है। करीब साढ़े चार साल पहले जब संदीप रोजी रोटी के लिए इराक गया था तो रुद्राक्ष महज ढाई साल का था। संदीप जब इराक गए थे, उस दौरान रुद्राक्ष पिता को अच्छे से पापा भी नहीं बोल पाता था। रुद्राक्ष ने पहली कक्षा और बेटी पुल्कित ने पांचवीं कक्षा की परीक्षा दी है। इस दुखद खबर के आने से पहले तक पूरे परिवार को जो संदीप के देर-सवेर घर वापस लौटने की उम्मीद थी, वो भी टूट गई और परिवार पर टूटे इस कहर से अंजान मासूम बच्चों को अपने पिता का दुलार मिलने की आस भी हमेशा के लिए गम में तबदील हो गई। 

जन्मदिन के ठीक एक माह बाद हुई संदीप की मौत की पुष्टि

39 Indian killed in Iraq: deceased family slams Modi Government
iraq issue

धमेटा के संदीप की मौत की पुष्टि उसके जन्मदिन के ठीक एक माह बाद उसी तारीख को हुई। संदीप का जन्म 20 फरवरी 1976 को हुआ था। वह 15 जून 2014 से इराक में लापता था। सितंबर 2017 में केंद्र सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने संदीप के माता-पिता और बहन के खून के नमूने डीएनए जांच के लिए लिए थे। उन्हें फतेहपुर अस्पताल बुलाया गया था। उसी दिन परिवार वालों की उम्मीद टूटने लगी थी, लेकिन उनका दिल मानने को तैयार नहीं था।

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