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लद्दाखी मूल के 385 पुलिसकर्मियों का होगा जम्मू-कश्मीर से लद्दाख तबादला

Mon, 21 Oct 2019 01:34 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 21 Oct 2019 01:34 AM IST
सार

  • लद्दाखी मूल के 385 पुलिसकर्मियों को लद्दाख स्थानांतरित करने की तैयारी
  • पुलिस कर्मी 31 अक्तूबर से नए केंद्र शासित प्रशासन के नियंत्रण में आ जाएंगे
  • केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी
  • आईएएस और आईपीएस का कैडर नहीं बदला जाएगा

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385 policemen of Ladakhi origin to be transferred from Jammu and Kashmir to Ladakh
जम्मू-कश्मीर पुलिस(फाइल फोटो)

विस्तार

केंद्र सरकार ने 31 अक्तूबर को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर अस्तित्व में आने के बाद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने जम्मू व कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर तैनात लद्दाखी मूल के 385 पुलिसकर्मियों को लद्दाख स्थानांतरित करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि स्थानांतरण के साथ ही ये पुलिसकर्मी 31 अक्तूबर से नए केंद्र शासित प्रशासन के नियंत्रण में आ जाएंगे।

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 इनका नियंत्रण सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के हाथ में होगा

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की विभिन्न शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण की मंजूरी दे दी गई है। अधिकारी के मुताबिक, स्थानांतरित किए गए 385 पुलिसकर्मी लद्दाख केंद्र शासित पुलिस के तहत तैनात किए जाएंगे, जिसका नियंत्रण सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के हाथ में होगा। इंस्पेक्टर से कांस्टेबल रैंक तक के इन सभी पुलिसकर्मियों को भी इस नई तैनाती के बाद चंडीगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह जैसे अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिसकर्मियों के बराबर वेतन और भत्ता दिया जाएगा।

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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की पुलिस और कानून-व्यवस्था का नियंत्रण सीधे उप राज्यपाल के हाथ में होगा, जिनके जरिए केंद्र सरकार इस उच्च हिमालयी क्षेत्र को नियंत्रित करेगी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 के मुताबिक, केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी।

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 आईएएएस-आईपीएस के कैडर में बदलाव नहीं

पुनर्गठन अधिनियम के मुताबिक, 31 अक्तूबर तक जम्मू-कश्मीर राज्य में नियुक्त रहने वाले आईएएस और आईपीएस का कैडर नहीं बदला जाएगा। इनका कैडर जम्मू-कश्मीर ही रहेगा। लेकिन भविष्य में जम्मू-कश्मीर या लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में भी केंद्रीय सिविल सेवा के यूटी कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम व यूनियन टेरेटरी कैडर) के अधिकारियों में से ही चयन किया जाएगा।

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