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Gallantry Awards: 14 बलिदानी समेत 36 जवानों को मिले कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
Fri, 05 Jul 2024 09:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Fri, 05 Jul 2024 09:12 PM IST
सार
राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह (चरण-1) में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य एवं संघ शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को 10 कीर्ति चक्र (सात मरणोपरांत) और 26 शौर्य चक्र (सात मरणोपरांत) प्रदान किए।
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मेजर दिग्विजय सिंह रावत को मरणोपरांत कीर्ति चक्र
- फोटो : ANI (वीडियो ग्रैब)
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह (चरण-1) में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य एवं संघ शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को 10 कीर्ति चक्र (सात मरणोपरांत) और 26 शौर्य चक्र (सात मरणोपरांत) प्रदान किए। देश की रक्षा मेंं अदम्य साहस, बलिदान और समर्पण दिखाने वाले जवानों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्रदान किए गए । इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे।
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बलिदान कैप्टन अंशुमान सिंह: अपनी जान देकर बचाई चार जवानों की जिंदगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैप्टन अंशुमान सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले बलिदान कैप्टन अंशुमान सिंह ने अपनी जान देकर चार जवानों की जिंदगी बचाई थी। कीर्ति चक्र शांति कालीन द्वितीय सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है, जो अंशुमान के परिवार को दिया गया। दरअसल, सियाचिन ग्लेशियर में 19 जुलाई 2023 को बंकर में अचानक आग लग गई थी। कैप्टन अंशुमान सिंह जवानों को बचाने के लिए बंकर में घुस गए। उन्होंने चार जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन खुद अंदर फंस गए जिसमें वह बुरी तरह झुलस गए थे। उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा कैप्टन अंशुमान सिंह पंजाब रेजीमेंट की 26वीं बटालियन के आर्मी मेडिकल कोर्प्स में कार्यरत थे।
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इन्हें मिला मरणोपरांत कीर्ति चक्र
इंस्पेक्टर दिलीप कुमार दास, हेड कांस्टेबल राज कुमार यादव, कांस्टेबल बबलू राभा, कांस्टेबल शंभू रॉय, सिपाही पवन कुमार, कैप्टन अंशुमान सिंह, हवलदार अब्दुल माजिद।
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इन्हें मिला मरणोपरांत शौर्य चक्र
कांस्टेबल सैफुल्ला कादरी, मेजर विकास भांभु, मेजर मुस्तफा बोहरा, राइफलमैन कुलभूषण मांता, हवलदार विवेक सिंह तोमर, राइफलमैन आलोक राव, कैप्टन एमवी प्रांजल।
कीर्ति चक्र
मेजर दिग्विजय सिंह रावत, मेजर दीपेंद्र विक्रम बासनेट और नायब सूबेदार पवन कुमार यादव को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
शौर्य चक्र
कांस्टेबल गमित मुकेश कुमार, सब इंस्पेक्टर अमित रैना, सब इस्पेक्टर फिरोज अहमद डार, कमांडेंट बिभोर कुमार सिंह, कांस्टेबल वरुण सिंह, पुलिस अधीक्षक मोहन लाल, मेजर राजेंद्र प्रसाद जाट, मेजर रवीन्द्र सिंह रावत, नायक भीम सिंह, मेजर सचिन नेगी, मेजर मानेओ फ्रांसिस, विंग कमांडर शैलेश सिंह, लेफ्टिनेंट बिमल रंजन बहेरा,हवलदार संजय कुमार, फ्लाइट लेफ्टिनेंट हरिकृष्ण जयन, कैप्टेन अक्षत उपाध्याय, नायब सूबेदार संजय कुमार, मेजर अनदीप जाखड़, परसोत्तम कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।