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महाराष्ट्र सरकार ने कोरेगांव भीमा हिंसा से संबंधित 348 मामले लिए वापस
Thu, 27 Feb 2020 09:16 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 27 Feb 2020 09:16 PM IST
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Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray
- फोटो : ANI
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बहुचर्चित कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को विधान परिषद को बताया कि उद्धव ठाकरे सरकार ने कोरेगांव भीमा हिंसा से संबंधित 348 मामलों को वापस ले लिए हैं। वहीं इससे संबंधित कुल 649 मामले दर्ज किए गए थे।
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मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एल्गर परिषद मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत एक जांच आयोग स्थापित करने पर भी विचार कर रही थी। उन्होंने यह बात कांग्रेस विधायक शरद रानसेसे के एक प्रश्न के जवाब में कही।
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उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत इससे संबंधित बाकी अन्य मामलों की जांच कराई जाएगी। देशमुख ने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में निर्दोष लोगों के खिलाफ चल रहा मुकदमा वापस लिया गया है। नियमों के तहत मामले वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर किसान आंदोलन के मामले भी वापस लिए जाएंगे।
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पवार ने उठाया था सवाल
बीते 18 फरवरी को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने कहा था कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मिलिंद एकबोटे और संभाजी भिड़े ने ऐसा वातावरण तैयार किया जिसके चलते 1 जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की। उन्होंने पूरे पुलिस आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाया था।
महाराष्ट्र में तीन दलों (शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी) की महाविकास आघाडी सरकार गठित होने के बाद शरद पवार ने भीमा कोरेगांव हिंसा को लेकर एसआईटी गठित करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखा था, लेकिन केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंप दी थी। पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े कागजात देने से मना कर दिया था हालांकि बाद में उद्धव ठाकरे ने मामले को एनआईए के सुपुर्द कर दिया।
मराठा आरक्षण आंदोलन के भी 460 मामले वापस लिए गए
राज्य की महाविकास अघाडी सरकार ने भीमा कोरेगांव हिंसा के अलावा मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े 460 मामले भी वापस ले लिए हैं। इस संबंध में विधायक विनायक मेटे के सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मराठा आंदोलन मामले में 548 मामले दर्ज किए गए थे इसमें जो मामले गम्भीर किस्म के नही थे उन्हें वापस लिया गया है। इसी तरह रत्नागिरी के नाणार रिफाइनरी परियोजना के विरोध में हुए आंदोलन में 5 मामले दर्ज किए गए थे जिसमें से 3 वापस लिए गए हैं।
फडणवीस पर निशाना
अनिल देशमुख ने विधान परिषद में भीमा कोरेगांव के 348 मामले वापस लेने की घोषणा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इन्हें शहरी नक्सली घोषित किया था।
उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद कुछ लोग मिलने आए जिन्होंने कहा कि पिछली सरकार के खिलाफ जो बोलता था उसे शहरी नक्सली करार दे दिया जाता था। लोग सरकार के विरोधी थे उनके खिलाफ नक्सली होने का आरोप लगाया गया।