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Gaza: गाजा के पीड़ितों के नाम पर मस्जिदों से जुटाया चंदा, अय्याशी में उड़ाई रकम; दिल्ली से तीन विदेशी गिरफ्तार
Sun, 07 Sep 2025 07:35 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 07 Sep 2025 07:35 PM IST
सार
गुजरात पुलिस ने सीरियाई नागरिकों के एक गिरोह के तीन फरार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राज्य की मस्जिदों से गाजा युद्ध पीड़ितों की मदद के नाम पर चंदा मांगता था।
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गाजा संघर्ष
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
गुजरात पुलिस ने सीरिया के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो गाजा संघर्ष के पीड़ितों के नाम पर मस्जिदों से चंदा जुटाता और सारी रकम अय्याशी पर उड़ा देता था। अहमदाबाद अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि चार सीरियाई लोगों का एक समूह पर्यटक वीजा पर भारत आया था और उन्होंने पर्यटक वीजा नियमों का उल्लंघन किया था।
पर्यटक वीजा पर आए थे भारत
इनमें से एक आरोपी अली मेघात अल-अजहर को क्राइम ब्रांच ने 22 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसकी पूछताछ के बाद बाकी तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों में जकारिया हैथम अल-जहीर (34), अहमद ओहद अलहबाश (27) और यूसुफ खालिद अल-जहीर (27) शामिल हैं। ये तीनों एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं और दुबई के रास्ते सीरिया भागने की फिराक में थे।
एक बयान में पुलिस ने कहा कि अल-अजहर ने स्वीकार किया कि गिरोह मस्जिदों में जाता था और गाजा पीड़ितों की मदद करने का झूठा दावा करते हुए चंदा मांगता था। इसके बाद उस पैसे को विलासिता पर उड़ा देता था। अपराध शाखा ने अल-अजहर से फरार तीनों के पासपोर्ट विवरण प्राप्त किए थे और उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था।
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दुबई से सीरिया भागने की थी योजना
अधिकारियों ने बताया कि तीनों को कुछ दिन पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वे दुबई जाने वाली उड़ान में सवार होने वाले थे। तीनों की दुबई से सीरिया भागने की योजना थी। आरोपियों के पास से 2,985 अमेरिकी डॉलर भी बरामद हुए हैं।
जांच में पता चला है कि वे 8 अगस्त को पर्यटन वीजा पर अहमदाबाद पहुंचे थे। उन्होंने लगभग दो सप्ताह शाह-ए-आलम इलाके की एक मस्जिद में रहकर अलग-अलग मस्जिदों से चंदा जुटाया। वे खुद को गाजा निवासी बताकर दावा करते थे कि उनके माता-पिता के इलाज के लिए पैसों की जरूरत है।
अहमदाबाद से निकलकर ये लोग दिल्ली पहुंचे और एक होटल में ठहरे। हालांकि दिल्ली की मस्जिदों से उन्होंने मदद मांगी लेकिन किसी मस्जिद ने उन्हें पैसे नहीं दिए। क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपियों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। अब उन्हें ब्लैकलिस्ट और डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पर्यटक वीजा पर आए थे भारत
इनमें से एक आरोपी अली मेघात अल-अजहर को क्राइम ब्रांच ने 22 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसकी पूछताछ के बाद बाकी तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों में जकारिया हैथम अल-जहीर (34), अहमद ओहद अलहबाश (27) और यूसुफ खालिद अल-जहीर (27) शामिल हैं। ये तीनों एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं और दुबई के रास्ते सीरिया भागने की फिराक में थे।
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एक बयान में पुलिस ने कहा कि अल-अजहर ने स्वीकार किया कि गिरोह मस्जिदों में जाता था और गाजा पीड़ितों की मदद करने का झूठा दावा करते हुए चंदा मांगता था। इसके बाद उस पैसे को विलासिता पर उड़ा देता था। अपराध शाखा ने अल-अजहर से फरार तीनों के पासपोर्ट विवरण प्राप्त किए थे और उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था।
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दुबई से सीरिया भागने की थी योजना
अधिकारियों ने बताया कि तीनों को कुछ दिन पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वे दुबई जाने वाली उड़ान में सवार होने वाले थे। तीनों की दुबई से सीरिया भागने की योजना थी। आरोपियों के पास से 2,985 अमेरिकी डॉलर भी बरामद हुए हैं।
जांच में पता चला है कि वे 8 अगस्त को पर्यटन वीजा पर अहमदाबाद पहुंचे थे। उन्होंने लगभग दो सप्ताह शाह-ए-आलम इलाके की एक मस्जिद में रहकर अलग-अलग मस्जिदों से चंदा जुटाया। वे खुद को गाजा निवासी बताकर दावा करते थे कि उनके माता-पिता के इलाज के लिए पैसों की जरूरत है।
अहमदाबाद से निकलकर ये लोग दिल्ली पहुंचे और एक होटल में ठहरे। हालांकि दिल्ली की मस्जिदों से उन्होंने मदद मांगी लेकिन किसी मस्जिद ने उन्हें पैसे नहीं दिए। क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपियों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। अब उन्हें ब्लैकलिस्ट और डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।