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अहमदाबाद में जीका वायरस तीन पॉजेटिव केस आने से मंत्रालय की चिंता बढ़ी
amarujala.com, Presented By: पवन नाहर
Updated Sun, 28 May 2017 06:09 AM IST
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जीका वायरस
- फोटो : Future Science
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भारत डेंगू-चिकनगुनिया बीमारी से निपटने के लिए न तो इलाज ढूंढ पाया है और न ही कोई टीका विकसित कर पाया है लेकिन अब जीका वायरस के तीन मामलों ने स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंता बढ़ा दी है। अहमदाबाद में जीका वायरस से पीड़ित तीन मरीज कुछ माह पहले मिले हैं। लिहाजा जीका की पहचान के लिए देश भर में सर्विलांस तेज कर दिया गया है। राहत की बात है कि इसके बाद देश भर में तेज किए गए सर्विलांस में कहीं से कोई पॉजेटिव केस सामने नहीं आया है।
अहमदाबाद में एक पुरुष और दो महिलाओं में जीका वायरस सामने आने के बाद देशभर में करीब 30 हजार लोगों के नमूनों की जांच की गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की महानिदेशक डॉ.सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि तीन मरीजों के अलावा भारत में कहीं भी न तो कोई और मामला सामने आया है और न ही किसी मच्छर में जीका के वायरस मिले हैं।
देश में 30 हजार नमूनों के अलावा जीका के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छरों की भी जांच की गई लेकिन किसी भी मच्छर में इसके वायरस नहीं मिले हैं। अभी भी देशभर में सर्विलांस चल रहा है और राज्यों को एडवायजरी भेजी गई है और किसी भी मरीज में इसके लक्षण दिखने पर मरीज के नमूनों को जांच के लिए कहा गया है।
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अहमदाबाद में एक पुरुष और दो महिलाओं में जीका वायरस सामने आने के बाद देशभर में करीब 30 हजार लोगों के नमूनों की जांच की गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की महानिदेशक डॉ.सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि तीन मरीजों के अलावा भारत में कहीं भी न तो कोई और मामला सामने आया है और न ही किसी मच्छर में जीका के वायरस मिले हैं।
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देश में 30 हजार नमूनों के अलावा जीका के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छरों की भी जांच की गई लेकिन किसी भी मच्छर में इसके वायरस नहीं मिले हैं। अभी भी देशभर में सर्विलांस चल रहा है और राज्यों को एडवायजरी भेजी गई है और किसी भी मरीज में इसके लक्षण दिखने पर मरीज के नमूनों को जांच के लिए कहा गया है।
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WHO ने भी की पुष्टि
जीका वायरस
- फोटो : concept photos
डॉ. स्वामीनाथन ने बताया कि अहमदाबाद में जनवरी-फरवरी माह में तीन मामले सामने आए थे, इसके बाद पूरे इलाके में मच्छरों और मरीजों की पहचान के लिए अभियान चलाए गए थे। दोनों गर्भवती महिलाओं ने भी स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। गर्भवती को यदि यह बीमाऱी हो जाए तो जन्म लेने वाले बच्चे के मानसिक विकास पर असर पड़ता है लेकिन दोनों ही मामलों में बच्चे स्वस्थ थे।
भारत में अभी तक जीका के केस सामने नहीं आए थे इसलिए इस बीमारी को नोटिफाई करने का आदेश जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर मई में डब्ल्यूएचओ ने यह जानकारी उपलब्ध कराई कि भारत में जीका वायरस के तीन पॉजेटिव मामले मिले हैं।
वैसे लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है इसका संक्रमण बहुत हल्का होता है और इसमें मौत होने की संभावना कम है। संभव है कि पड़ोसी देश के जीका प्रभावित मरीज के भारत आने से मच्छरों के जरिये अहमदाबाद के ये लोग प्रभावित हुए हों।
भारत में अभी तक जीका के केस सामने नहीं आए थे इसलिए इस बीमारी को नोटिफाई करने का आदेश जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर मई में डब्ल्यूएचओ ने यह जानकारी उपलब्ध कराई कि भारत में जीका वायरस के तीन पॉजेटिव मामले मिले हैं।
वैसे लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है इसका संक्रमण बहुत हल्का होता है और इसमें मौत होने की संभावना कम है। संभव है कि पड़ोसी देश के जीका प्रभावित मरीज के भारत आने से मच्छरों के जरिये अहमदाबाद के ये लोग प्रभावित हुए हों।