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26/11 हमला: चप्पे -चप्पे पर है नजर, 5200 तीसरी आंखों की निगरानी में मुंबई
amarujala.com: presented by-पूजा मेहरोत्रा
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:00 PM IST
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मुंबई हमला अभी तक देश में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा है। 26 नवंबर 2008 को शुरू हुआ ये हमला 29 नवंबर तक चलता रहा था। इस हमले में करीब 164 लोग मारे गए थे जबकि 308 लोग बुरी तरह घायल हुए थे।
मुंबई आतंकी हमलों में पुलिस ने कई जाबांज अधिकारियों को भी खोया था। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के करीब 10 आतंकियों ने मुंबई में कहर बरपाया था। करीब 12 जगहों पर गोलीबारी की थी और बम से हमला किया था। मुंबई सहित पूरी दुनिया चार दिनों तक आतंकी हमलों से शॉक्ड रह गई थी।
इन हमलों के बाद मुंबईकर और मुबंई पुलिस ने कई सबक लिया था। इसी सबक के बीच मुंबई पुलिस ने शहर के चप्पे-चप्पे पर उच्चतकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं जिससे अपराध की रोकथाम में काफी मदद मिल रही है।
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जब भी देश में बड़ी दुर्घटना होती है देश की सुरक्षा एजेंसी बड़े-बड़े दावे करने लगती है। सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावों के बीच कई तरह की कमियां सामने आती हैं और 26/11 जैसे बड़े हमले आतंकी आसानी से अंजाम देते हैं।
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मुंबई आतंकी हमलों में पुलिस ने कई जाबांज अधिकारियों को भी खोया था। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा के करीब 10 आतंकियों ने मुंबई में कहर बरपाया था। करीब 12 जगहों पर गोलीबारी की थी और बम से हमला किया था। मुंबई सहित पूरी दुनिया चार दिनों तक आतंकी हमलों से शॉक्ड रह गई थी।
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इन हमलों के बाद मुंबईकर और मुबंई पुलिस ने कई सबक लिया था। इसी सबक के बीच मुंबई पुलिस ने शहर के चप्पे-चप्पे पर उच्चतकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं जिससे अपराध की रोकथाम में काफी मदद मिल रही है।
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जब भी देश में बड़ी दुर्घटना होती है देश की सुरक्षा एजेंसी बड़े-बड़े दावे करने लगती है। सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावों के बीच कई तरह की कमियां सामने आती हैं और 26/11 जैसे बड़े हमले आतंकी आसानी से अंजाम देते हैं।
मुंबई में 5000 कैमरे 1510 स्पॉट लगाए गए
मुंबई को सुरक्षित बनाने का दावा करते हुए सरकार ने नवंबर 2016 में मुंबई की सड़कों से लेकर गलियों तक करीब 5200 उच्च तकनीक कैमरे की जर्द में ला दिया । ये कैमरे इसलिए लगाए गए एक कमरे में बैठकर पुलिस शहर में होने वाली दुर्घटनाओं पर नजर रखी जा सके।
कैमरे इसलिए भी लगाए गए कि शहर में बढ़ती हिंसा, चोरी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और पुलिस के पास उस पूरे इंसीडेंट को सोल्व करने में मदद मिल सके। और पुलिस के पास अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हो। मुंबई में 5000 कैमरे 1510 स्पॉट लगाए गए।
मुंबई हमले के बाद मुंबई काफी सुधर चुका है। पुलिस सुरक्षा मामलों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अब जब मुंबई हमलों को 9 साल हो चुके हैं मुंबई पुलिस और सतर्क और चाक चौबंद हो चुकी है।
सुरक्षा मामलों की बात करते हुए मुंबई के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस दीपक देवराज ने अंग्रेजी मीडिया को बताया कि अजमल कसाब सहित मुंबई में आतंकी जिस समुद्री रास्ते से दक्षिण मुंबई के बुधवार पार्क के जरिए घुसे थे वहां अब पुलिस का 24 घंटे पहरा रहता है।
इस पोस्ट पर एक समय में करीब तीन कांस्टेबल साथ होते हैं। समुद्र के उस किनारे पर पुलिस की बहुत खोजी आंखें मौजूद रहती हैं। जिन मामलों को सुलझाने में कई महीने लग जाते थे कैमरे लगने के बाद वो मामले जल्दी जल्दी सुलझ जाते हैं।
कैमरे इसलिए भी लगाए गए कि शहर में बढ़ती हिंसा, चोरी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और पुलिस के पास उस पूरे इंसीडेंट को सोल्व करने में मदद मिल सके। और पुलिस के पास अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हो। मुंबई में 5000 कैमरे 1510 स्पॉट लगाए गए।
मुंबई हमले के बाद मुंबई काफी सुधर चुका है। पुलिस सुरक्षा मामलों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। अब जब मुंबई हमलों को 9 साल हो चुके हैं मुंबई पुलिस और सतर्क और चाक चौबंद हो चुकी है।
सुरक्षा मामलों की बात करते हुए मुंबई के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस दीपक देवराज ने अंग्रेजी मीडिया को बताया कि अजमल कसाब सहित मुंबई में आतंकी जिस समुद्री रास्ते से दक्षिण मुंबई के बुधवार पार्क के जरिए घुसे थे वहां अब पुलिस का 24 घंटे पहरा रहता है।
इस पोस्ट पर एक समय में करीब तीन कांस्टेबल साथ होते हैं। समुद्र के उस किनारे पर पुलिस की बहुत खोजी आंखें मौजूद रहती हैं। जिन मामलों को सुलझाने में कई महीने लग जाते थे कैमरे लगने के बाद वो मामले जल्दी जल्दी सुलझ जाते हैं।