फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   25 per cent population affected by drought in the country

सरकार ने माना, देश के 11 राज्यों में 33 करोड़ लोग सूखे से प्रभावित

Tue, 19 Apr 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Apr 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
25 per cent population affected by drought in the country

केंद्र सरकार ने मंगलवार को यह स्वीकार किया कि देश की करीब 25 फीसदी आबादी सूखे से पीड़ित है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मनरेगा के तहत वर्ष 2016-17 केलिए अब तक करीब 19000 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सरकार ने यह भी बताया कि 11 राज्यों में मनरेगा के तहत काम करने वालों को उनकी मजदूरी सीधे उनके खाते में पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी) पीएस नरसिंहा ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति एनवी रमण की पीठ के समक्ष कहा कि देश में करीब 33 करोड़ लोग सूखे से प्रभावित है।
विज्ञापन


हालांकि उन्होंने एक बार फिर से स्पष्ट किया कि सूखाग्रस्त प्रांत घोषित करने का अधिकार पूरी तरह से राज्य का है। केंद्र सरकार की भूमिका महज सलाहकारी है। एएसजी ने कहा कि केंद्र का काम मनरेगा केलिए फंड जारी करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 के लिए इस मद अब तक करीब 195000 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इनमें से 7331 करोड़ रुपये तो सोमवार को जारी किए गए हैं। इस वित्त वर्ष में सरकार को करीब 38500 करोड़ रुपये जारी करने हैं।

मालूम हो कि देश के660 जिलों में से 256 जिले सूखाग्रस्त हैं। केंद्र सरकार ने इन जिलों में जनसंख्या केआंकड़ों को देखते हुए 33 करोड़ लोगों को सूखे से ग्रस्त होने की बात कही है। अब तक 11 राज्यों ने खुद को सूखाग्रस्त इलाका घोषित कर दिया है।

एएसजी ने कहा कि सरकार यह प्रयास कर रही है कि मनरेगा के तहत काम करने वाले कामगारों को उनकी मजदूरी जल्द मिले। प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें मजदूरी एक हफ्ते में मिल जाए।

अधिक से अधिक 15 दिनों में उन्हें मजदूरी मिल ही जाए। एएसजी ने बताया कि सरकार ने कामगारों की मजदूर उनके खाते में डालने का काम शुरू कर दिया है। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनजमेंट सिस्टम के तहत मनरेगा के तहत काम करने वाले कामगारों को सीधे उनके खाते में मजदूरी पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। अब तक 11 राज्यों में इसके तहत कामगारों को उनकी रकम खाते में पहुंचाई जा रही है।

शीर्ष अदालत स्वराज अभियान नामक संगठन द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने पीठ को फसलों की क्षति होने पर किसानों को मिलने वाले मुआवजे की ओर ध्यान दिलाया।

उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों की क्षति होने पर 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाता है, जो बेहद ही कम है। उन्होंने कहा कि फसल की क्षति न होने की स्थिति भी किसान बमुश्किल अपना गुजर-बसर कर पाते हैं।

हरियाणा सरकार ने कहा, हमारे यहां सूखा नहीं

25 per cent population affected by drought in the country
सीएम मनोहर लाल खट्टर

वहीं हरियाणा सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि उनकेयहां सूखे की स्थिति नहीं है। सरकार ने बताया कि नहरों के जरिये  सिंचाई होने केकारण वहां पैदावार पर असर नहीं पड़ा है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को हरियाणा सरकार केनए हलफनामे को रिकार्ड पर ले लिया।

इस हलफनामे में हरियाणा ने बारिश समेत उन तमाम आंकड़े दिए हैं, जो मांगे गए थे। मालूम हो कि इससे पहले हरियाणा सरकार द्वारा आधी-अधूरी जानकारी देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।

वहीं गुजरात सरकार द्वारा दाखिल की गई आधी-अधूरी रिपोर्ट पर शीर्ष अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि  सिर्फ इसलिए कि यह गुजरात है, वह चीजों को हल्के में नहीं ले सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed