कोरोना का कहर: 24 घंटे में 24 हजार से ज्यादा मामले, देश में फिर बीते साल जैसे हालात
- देश में कोरोना के मामलों में बढ़त जारी
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े
- कोरोना के 24,882 नए मामले आए सामने
विस्तार
भारत में शनिवार को कोविड-19 के 24,882 नए मामले सामने आए। यह आंकड़ा इस वर्ष एक दिन में सामने आए मरीजों की सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 1,13,33,728 हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक नए मामलों की संख्या गत 83 दिन में सबसे अधिक है। इससे पहले 20 दिसंबर को 26,624 लोगों के 24 घंटे में संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक गत 24 घंटे में 140 कोविड-19 मरीजों की मौत हुई है जिन्हें मिलाकर अब तक देश में इस महामारी से 1,58,446 लोगों की जान जा चुकी है।
India reports 24,882 new #COVID19 cases, 19,957 recoveries, and 140 deaths in the last 24 hours
विज्ञापन विज्ञापन
Total cases: 1,13,33,728
Total recoveries: 1,09,73,260
Active cases: 2,02,022
Death toll: 1,58,446
Total vaccination: 2,82,18,457 pic.twitter.com/etzHqWY9r1 — ANI (@ANI) March 13, 2021
आंकड़ों के मुताबिक देश में इस समय 2,02,022 मरीज उपचाराधीन हैं जो कुल संक्रमितों का 1.74 प्रतिशत है। वहीं, नए मामलों में बढ़ोतरी की वजह से मरीजों के ठीक होने की दर में भी गिरावट आई है और यह 96.82 प्रतिशत पर पहुंच गई है। मंत्रालय के मुताबिक देश में कोविड-19 से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 1,09,73,260 हो गई है। वहीं, संक्रमितों में मृत्यु दर 1.40 प्रतिशत है।
देश में पिछले साल सात अगस्त तक संक्रमितों की संख्या 20 लाख थी, जो कि 23 अगस्त तक 30 लाख पर पहुंच गई। वहीं, पांच सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 40 लाख से अधिक हो गई थी। साथ ही संक्रमण के कुल मामलों की बात करें तो 16 सितंबर तक 50 लाख कोरोना केस दर्ज हुए थे। इसके बाद 28 सितंबर तक 60 लाख मामले सामने आ गए, जो कि 11 अक्टूबर तक बढ़कर 70 लाख पर पहुंच गया। फिर 29 अक्टूबर तक कोरोना के 80 लाख मामले दर्ज किए गए। इसके बाद भी नए कोरोना के मामले सामने आते रहे और 20 नवंबर तक 90 लाख केस दर्ज किए गए जबकि 19 दिसंबर तक यह संख्या एक करोड़ के पार चली गई थी।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में अभी तक 22,58,39,273 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 8,40,645 नमूनों की जांच शुक्रवार को की गई थी।
इधर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एक और व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 5,029 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी कि दो दिनों के अंतराल के बाद शुक्रवार को एक व्यक्ति में बीमारी का पता चला है।
संघ शासित क्षेत्र में महामारी से अब तक 62 मरीजों की मौत हो चुकी है और पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से किसी भी संक्रमित की मौत नहीं हुई। अधिकारी ने कहा कि अब तक 4,961 मरीज ठीक हो चुके हैं और अभी छह मरीज उपचाराधीन हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक कुल 11,378 स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों तथा 45 साल की उम्र से अधिक के 3,341 लोगों को टीका दिया जा चुका है।
हो सकता है नई लहर आई ही नहीं हो: वैज्ञानिक
देश में पिछले 83 दिनों में शनिवार को कोरोना वायरस के सर्वाधिक मामले सामने आने के साथ भले ही हिंदुस्तान में कोरोना वायरस की नई लहर आने की आशंका पैदा हुई हो, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक से अधिक संख्या में लोगों का टीकाकरण कर और कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन कर इस पर काबू पाया जा सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 24,882 नए मामले सामने आए हैं जबकि एक दिन पहले 23,285 मामले सामने आए थे और यह ग्राफ ऊपर की तरफ बढ़ता जा रहा है। 20 दिसंबर 2020 के बाद यह सबसे अधिक संख्या है जब संक्रमण के 26,624 नए मामले सामने आए थे।
वैज्ञानिक मंथन कर रहे हैं कि मामले में क्यों और किस तरह से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन वे इस बात पर सहमत हैं कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कर और टीकाकरण अभियान में तेजी लाकर संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाई जा सकती है।
नए स्ट्रेन से मिले संकेत
सीएसआईआर इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि उनके संस्थान के वैज्ञानिक यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या वायरस के ज्यादा संक्रामक प्रकार के कारण मामले बढ़ रहे हैं या लोगों द्वारा एहतियात नहीं बरतने के कारण। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि महामारी की नई लहर चल रही है, लेकिन कुछ चीजें जरूर हो रही हैं।
अग्रवाल ने कहा कि महामारी रोकने के लिए कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करना और टीकाकरण बेहतर तरीके हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की अप्लायड मेडिकल साइंसेज की प्रमुख मोनिका गुलाटी ने कहा कि भारत में मामलों में बढ़ोतरी अन्य देशों की तरह बहुत ज्यादा नहीं है, जहां नए ‘स्ट्रेन’ पाए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह ‘स्ट्रेन’ बहुत संक्रामक नहीं है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी नए प्रकार के कारण हो सकता है, साथ ही आम आदमी के ढीले-ढाले रवैये के कारण हो सकता है। गुलाटी ने कहा कि जिन देशों में नए स्ट्रेन ज्यादा घातक पाए गए हैं वहां नई लहर पुराने की तुलना में ज्यादा प्रचंड है। भारत में नए मामले ज्यादा नहीं हैं, जिसका कारण टीकाकरण अभियान और वर्तमान स्ट्रेन का कम संक्रामक होना है।
दूसरी लहर कहना कहीं जल्दबाजी तो नहीं..
मिश्रा ने कहा कि नई लहर की संभावना है। फिलहाल यह कई राज्यों में हो रहा है जिसमें महाराष्ट्र भी शामिल है। लेकिन कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन कर इससे बचा जा सकता है। विषाणु विज्ञानी उपासना राय ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि वर्तमान में दूसरी लहर चल रही है, लेकिन कहा कि मामलों में बढ़ोतरी का रुख बना हुआ है।