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1901 के बाद पांचवां सबसे गर्म वर्ष: 2021 में औसत तापमान सामान्य से 0.44 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, मौसम विभाग के आंकड़ों ने चौंकाया
Fri, 14 Jan 2022 03:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 14 Jan 2022 03:07 PM IST
सार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2021 के दौरान खराब मौसम के कारण आई बाढ़, चक्रवात, भारी वर्षा, भूस्खलन, बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण 1750 लोगों की अकाल मृत्यु भी हुई।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीता वर्ष 2021 भारत में 1901 के बाद का पांचवां सबसे गर्म वर्ष रहा है। इस दौरान देश का औसत वार्षिक तापमान सामान्य से 0.44 डिग्री सेल्सियस ज्यादा पाया गया।
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भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार वर्ष 2021 के दौरान खराब मौसम के कारण आई बाढ़, चक्रवात, भारी वर्षा, भूस्खलन, बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण 1750 लोगों की अकाल मृत्यु भी हुई। वार्षिक तापमान में बढ़ोतरी सर्दियों और मानसून के बाद के सीजन में पारा चढ़ने से हुई।
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मौसम विभाग के सालाना मौसम बयान में कहा गया है कि देश में 1901 के बाद 2016, 2009, 2017 और 2010 तथा अब 2021 सबसे गर्म वर्ष रहे हैं। 2021 में औसत तापमान में 0.44 सेल्सियस की वृद्धि हुई है।
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2016 में देश में वार्षिक औसत तापमान सामान्य से 0.710 डिग्री सेल्सियस अधिक था। 2009 और 2017 में औसत तापमान से यह क्रमश: 0.550 डिग्री सेल्सियस और 0.541 डिग्री सेल्सियस अधिक था। 2010 में वार्षिक औसत तापमान सामान्य से 0.539 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था।
विभाग के अनुसार आंधी व बिजली गिरने से 2021 में देश में 787 मौतें हुईं, जबकि भारी वर्षा व बाढ़ के कारण 759 लोगों की मृत्यु हो गई। चक्रवाती तूफान के कारण 172 जानें गईं जबकि 32 अन्य लोग खराब मौसम के कारण अन्य घटनाओं में जान गंवा बैठे।