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Hindi News ›   India News ›   2006 Mumbai local train blasts case | Bombay High Court acquits all 12 people, declaring them innocent

2006 Mumbai Local Train Blasts: मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में सभी 12 लोग निर्दोष करार, कोर्ट ने किया बरी

Mon, 21 Jul 2025 09:59 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 21 Jul 2025 09:59 AM IST
सार

2006 मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी 12 लोगों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया।

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2006 Mumbai local train blasts case | Bombay High Court acquits all 12 people, declaring them innocent
बॉम्बे हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में 12 लोगों की दोषसिद्धि को रद्द कर दिया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी भी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। यह फैसला उस आतंकवादी हमले के 19 साल बाद आया है, जिसने मुंबई के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया था। हमले में 180 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
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'यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया'
जस्टिस अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की विशेष पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूत आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए काफी नहीं थे। कोर्ट ने कहा, 'अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया है। इसलिए उनकी दोषसिद्धि रद्द की जाती है।'
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अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो तुरंत रिहा कर दिया जाएगा
पीठ ने कहा कि वह पांच दोषियों को दी गई मृत्युदंड और शेष सात को आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखने से इनकार करती है और उन्हें बरी करती है। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
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2015 में एक विशेष अदालत ने सुनाई थी सजा
2015 में एक विशेष अदालत ने इस मामले में 12 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें से पांच को मृत्युदंड और शेष सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सोमवार को हाईकोर्ट का फैसला सुनाए जाने के बाद राज्य भर की विभिन्न जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किए गए दोषियों ने अपने वकीलों का धन्यवाद किया।

मुंबई लोकल ट्रेनों में सात विस्फोट हुए थे
11 जुलाई 2006 को पश्चिमी लाइन पर विभिन्न स्थानों पर मुंबई लोकल ट्रेनों में सात विस्फोट हुए थे। इस दौरान 180 से अधिक लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।

निचली अदालत से मौत की सजा पाए आरोपी कौन, जिन्हें बरी किया गया?
1) कमाल अहमद अंसारी:
50 वर्ष की आयु में अपील की सुनवाई लंबित रहने के दौरान 2021 में उनका निधन हो गया। अंसारी बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले थे। उन पर पाकिस्तान में हथियार प्रशिक्षण लेने का आरोप था। उन पर माटुंगा में विस्फोट करने वाले बम को लगाने का भी आरोप था।
2) मोहम्मद फैसल रहमान शेख: पड़ोसी ठाणे जिले के मीरा रोड निवासी 50 वर्षीय आरोपी पर मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक होने का आरोप लगाया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसने पाकिस्तान से पैसे लिए, बम बनाए और उनमें से एक को ट्रेन में लगाया था।
3) एहतेशाम सिद्दीकी: 42 वर्षीय सिद्दीकी पर ट्रेनों की रेकी करने और मीरा-भायंदर में हुए बम विस्फोट को लगाने का आरोप था।
4) नवीद हुसैन खान रशीद: 44 वर्षीय रशीद पर बम बनाने और बांद्रा में एक ट्रेन में बम को लगाने का आरोप था। वह सिकंदराबाद का रहने वाला था। उसे वहीं से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त  वह एक कॉल सेंटर कर्मचारी था।
5) आसिफ खान बशीर खान: 52 वर्षीय इस व्यक्ति पर बम बनाने और बोरीवली में लगाने में मदद करने का आरोप था। सिविल इंजीनियर खान जलगांव का निवासी था और उस पर सिमी का एक प्रमुख सदस्य होने का आरोप था।

आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आरोपी कौन, जिन्हें बरी किया गया?
1) तनवीर अहमद अंसारी:
मुंबई के अग्रीपाड़ा निवासी 50 वर्षीय इस व्यक्ति को पाकिस्तान में आतंकी शिविरों में भाग लेने और ट्रेनों की रेकी करने का दोषी ठहराया गया था।
2) मोहम्मद शफी: 46 वर्षीय शफी पर हवाला रैकेट चलाने और विस्फोटों के लिए पाकिस्तान से धन जुटाने का आरोप था।
3) शेख मोहम्मद अली आलम: 55 वर्षीय इस व्यक्ति पर भारत में घुसपैठ करने वाले पाकिस्तानियों की मदद से उपनगरीय गोवंडी स्थित अपने घर पर बम बनाने का आरोप था। उस पर सिमी का सदस्य होने का भी आरोप था।
4) मोहम्मद साजिद अंसारी: मीरा रोड निवासी 47 वर्षीय इस व्यक्ति पर बमों के लिए टाइमर खरीदने और उन्हें बनाने में मदद करने का आरोप था। उस पर दो पाकिस्तानी नागरिकों को शरण देने का भी आरोप था।

5) मुजम्मिल रहमान शेख: सबसे कम उम्र का आरोपी। 40 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर। पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेने और लोकल ट्रेनों की रेकी करने का आरोपी था। उसके भाई फैसल और राहिल भी इस मामले में आरोपी हैं, लेकिन कभी पकड़े नहीं गए। कथित तौर पर वे इस साजिश के मास्टरमाइंड थे।
6) सुहैल महमूद शेख: 55 वर्षीय शेख पर पाकिस्तान में हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेने और लक्षित ट्रेनों की रेकी करने का आरोप था।
7) जमीर रहमान शेख: 50 वर्षीय शेख पर साजिश की बैठकों में शामिल होने और पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेने का आरोप था।
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