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वन रैंक वन पेंशन: पांच साल में 20.6 लाख पूर्व सैनिकों में बांटे 42700 करोड़ रुपये

Fri, 06 Nov 2020 05:27 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Fri, 06 Nov 2020 05:27 PM IST
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20,60,220 Defence Forces Pensioners Family Pensioners as arrears on account of OROP
रक्षा मंत्रालय (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने अब तक 20 लाख 60 हजार 220 पूर्व सैनिकों/परिवारिक पेंशनधारियों के लिए एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के तहत दी जाने वाली बकाया पेंशन राशि जारी की है।

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रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के तहत 20 लाख 60 हजार 220 पेंशनधारियों को 10795.4 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में जमा कराई गई है। ओआरओपी के तहत हर वर्ष 7123.38 करोड़ रुपया खर्च हुआ है, जो बीते पांच वर्ष में अब तक 42740.28 करोड़ रुपये के बराबर है। 

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Rs 10795.4 cr disbursed to 20,60,220 Defence Forces Pensioners/Family Pensioners as arrears on account of OROP. Yearly recurring expenditure is about Rs 7123.38 cr & for about 6 yrs starting from 01.07.2014. Total recurring expenditure approx Rs 42740.28 cr: Ministry of Defence pic.twitter.com/dsWluUnfLm

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— ANI (@ANI) November 6, 2020


बता दें कि ओआरओपी में समान रैंक के लिए समान पेंशन का प्रावधान किया गया था। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सरकार ने पांच नवंबर 2015 को एक रैंक एक पेंशन की 45 वर्ष पुरानी मांग को पूरा करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया था। 


अधिकारियों की पेंशन काटकर सेना का मनोबल गिरा रही मोदी सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने सैन्य अफसरों की पेंशन योजना में होने वाले बदलाव को लेकर मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी ने सरकार पर सेना विरोधी काम करने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, शहीद सैनिकों की वीरता और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बटोरने वाली मोदी सरकार पहली सरकार है, जो सैन्य अफसरों की पेंशन काटने और सक्रिय सेवा के बाद दूसरे करियर विकल्प पर डाका डालने की तैयारी में है। 


सुरजेवाला ने कहा, एक तरफ तो प्रधानमंत्री सेना के लिए दीया जलाने की बात करते हैं और दूसरी तरफ सैन्य अफसरों की पेंशन काटकर अंधेरा फैलाने का दुस्साहस कर रहे हैं। यही भाजपा का झूठा राष्ट्रवाद है। मोदी सरकार की नई प्रस्तावना के अनुसार केवल उस अफसर को पूरी पेंशन मिलेगी, जिसने 35 साल से अधिक सेना की सेवा की हो। सेना के 90 फीसदी तो 35 साल की सेवा से पहले ही रिटायर हो जाते है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार को अपने इस प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

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