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Norovirus: केरल में दो बच्चों में 'नोरोवायरस' की पुष्टि से हड़कंप, जानें कितना खतरनाक है ये वायरस
Mon, 06 Jun 2022 09:12 AM IST
Amit Mandal
एएनआई, तिरुवनंतपुरम
एएनआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 06 Jun 2022 09:12 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति का आकलन किया है। क्षेत्र से नमूने लेकर परीक्षण किए गए हैं और इससे निपटने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केरल के विझिंजम में नोरोवायरस के दो मामलों की पुष्टि हुई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि चिंता की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति का आकलन किया है। क्षेत्र से नमूने लेकर परीक्षण किए गए हैं और इससे निपटने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। दोनों बच्चों की हालत स्थिर है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि फिलहाल चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन सभी को सावधान रहना चाहिए और स्वच्छता बनाए रखना चाहिए।
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फूड पॉइजनिंग के बाद नोरोवायरस संक्रमण का पता चला
केरल के अलाप्पुझा जिले के कायमकुलम में एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के आठ छात्रों को फूड पॉइजनिंग के एक संदिग्ध मामले के कारण बेचैनी की शिकायत के बाद शनिवार को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद दो बच्चों में संक्रमण का पता चला था। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी प्रयोगशाला में छात्रों के नमूनों का परीक्षण किया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार इस वायरस के संक्रमण से जल्द निजात पाया जा सकता है।
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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी के कारण नोरोवायरस
नोरोवायरस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी का कारण बनता है, जिससे पेट और आंतों की परत में सूजन, गंभीर उल्टी और दस्त होते हैं। वायरस स्वस्थ लोगों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करता है, लेकिन यह छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कॉमरेडिटी वाले लोगों में गंभीर हो सकता है। वायरस आसानी से संक्रमित लोगों के निकट संपर्क के माध्यम से या दूषित सतहों को छूने से फैलता है। यह पेट के कीड़े वाले किसी व्यक्ति द्वारा तैयार या संभाला हुआ भोजन खाने से भी फैल सकता है। माना जाता है कि यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के मल और उल्टी से भी फैलता है।
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