{"_id":"626d3f68df286b584c0a7406","slug":"1st-dose-to-be-given-as-booster-to-those-vaccinated-with-sputnik-v-ntagi-recommends","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से लड़ाई: स्पुतनिक वी लेने वाले लोगों को दी जा सकती है बूस्टर डोज, एनटीएजीआई पैनल ने की सिफारिश ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना से लड़ाई: स्पुतनिक वी लेने वाले लोगों को दी जा सकती है बूस्टर डोज, एनटीएजीआई पैनल ने की सिफारिश
Sat, 30 Apr 2022 07:41 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 30 Apr 2022 07:41 PM IST
सार
कोरोना वायरस से लड़ाई जारी है और इसी कड़ी में बूस्टर डोज देने का सिलसिला भी जारी है। अब रूसी वैक्सीन स्पुतनिक वी को लेकर नया अपडेट सामने आया है।
विज्ञापन
स्पुतनिक लाइट कोरोना वैक्सीन
- फोटो : social media
विस्तार
एनटीएजीआई के एक पैनल ने सिफारिश की है कि स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली खुराक उन सभी लोगों को दी जा सकती है, जिन्हें यह रूसी वैक्सीन लगाई गई है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को पीटीआई-भाषा को यह जानकारी दी है। स्पुतनिक वी वैक्सीन की दो खुराक की अलग-अलग संरचनाएं हैं। हालांकि अभी रूसी वैक्सीन लेने वालों को एहतियाती खुराक देने पर कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया है।
विज्ञापन
कोविन पोर्टल पर स्पुतनिक वी का विकल्प नहीं
हालांकि, कोविन (CoWIN) पोर्टल स्पुतनिक वी के लिए एहतियाती खुराक का विकल्प नहीं दिखाता है। कई ऐसे लोग जिन्होंने पिछले साल जुलाई में स्पुतनिक वी की अपनी दूसरी खुराक ले ली थी, उन्हें बूस्टर शॉट नहीं मिल रहा है। स्पुतनिक वी की दो खुराक 21-30 दिनों के अंतराल पर दी जाती है। एक अधिकारी ने बताया कि टीके की पहली खुराक में एक रीकॉम्बिनेंट एडेनोवायरस टाइप 26 (rAd26-S) और दूसरी खुराक में एक रीकॉम्बिनेंट एडेनोवायरस 5 (rAd5-S) होता है।
विज्ञापन
एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एनटीएजीआई की स्थायी तकनीकी उप-समिति (एसटीएससी) ने शुक्रवार को अपनी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और सिफारिश की कि स्पुतनिक लाइट जिसमें स्पुतनिक वी की पहली खुराक का एक ही घटक है, उसे एहतियाती खुराक के रूप में दिया जाएगा।
विज्ञापन
टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) एक सलाहकार समिति है जिसमें टीका और टीकाकरण नीति के संबंध में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के लिए सरकार को सूचना और सिफारिशें दी जाती है जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल होते हैं। माना जाता है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को स्पुतनिक वी की एहतियाती खुराक पर कई अभ्यावेदन मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक छह लाख से ज्यादा लोगों को रूसी वैक्सीन लग चुकी है।