{"_id":"6643760e92b76f1d8e08b458","slug":"1995-judgement-bringing-doctors-under-consumer-protection-act-requires-reconsideration-sc-2024-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: 'डॉक्टर्स को उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत लाने वाले फैसले पर हो पुनर्विचार', पीठ ने CJI के पास भेजा मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: 'डॉक्टर्स को उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत लाने वाले फैसले पर हो पुनर्विचार', पीठ ने CJI के पास भेजा मामला
Tue, 14 May 2024 08:02 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Tue, 14 May 2024 08:02 PM IST
सार
Supreme Court: शीर्ष अदालत ने कहा है कि डॉक्टरों को उपभोक्ता संरंक्षण अधिनियम के तहत लाने वाले फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। पीठ ने मामले को फिर से विचार के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों को उपभोक्ता संरंक्षण अधिनियम के तहत लाने वाले फैसले पर पुनर्विचार की बात कही है। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और पंकज मिथल की अगुवाई वाली पीठ का कहना है कि तीन न्यायाधीशों की पीठ द्वारा लिए गए इस फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने कहा ‘हमारी राय में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के इतिहास, उद्देश्य और योजना को ध्यान में रखते हुए उस फैसले पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।’ पीठ ने इस मामले को पुनर्विचार के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया है।
विज्ञापन
बता दें कि 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय चिकित्सा संगठन बनाम वीपी शांता के मामले में एक फैसला दिया था। उस फैसले में चिकित्सा पेशे को उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में लाया गया था।
विज्ञापन
फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत- सुप्रीम कोर्ट
एक फैसले को सुनाते समय शीर्ष अदालत की यह टिप्पणी आई। फैसले में कहा गया था कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे में वकील नहीं आते हैं। इस वजह से उपभोक्ता अदालतों के सामने सेवा में कमी के लिए वकीलों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने कहा कि डॉक्टरों को उपभोक्ता संरंक्षण अधिनियम के तहत लाने वाले फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।