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1984 सिख दंगा: सज्जन को उम्रकैद, भाजपा ने कमलनाथ तो कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा

Mon, 17 Dec 2018 12:54 PM IST
शशांक गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शशांक गौर Updated Mon, 17 Dec 2018 12:54 PM IST
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1984 Sikh Riots: Kapil Sibal said if Kamal Nath is accused then PM Modi is also
कपिल सिब्बल-अरुण जेटली

1984 में हुए सिख विरोधी दंगों को लेकर राजनीति गरमा गई है। जहां भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का एक अच्छा मौका मिल गया है वहीं कांग्रेस अपना बचाव करने में लगी हुई है। सज्जन कुमार को दंगों के आरोप में सजा मिलने के बाद कमलनाथ के ऊपर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं जो आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसपर कांग्रेस ने भी भाजपा को गुजरात दंगों की याद दिलाई है और पीएम मोदी को घेरा है।

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अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बचाव में उतरी कांग्रेस ने गुजरात दंगों के मुद्दे को उठाया है। कांग्रेस का कहना है कि अदालत के फैसले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। सज्जन किसी पद पर नहीं हैं और न ही उन्हें टिकट दिया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कहना है कि कमलनाथ पर कोई एफआईआर नहीं हुई है। यदि कमलनाथ दोषी हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दोषी हैं। उनपर भी कमलनाथ जैसे ही आरोप लगे हैं। वो कैसे पीएम बन गए इसकी जांच होनी चाहिए। 
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दिल्ली हाईकोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाते हुए सिख दंगों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया था। जिसपर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री अरुण ने कहा कि इस राजनीतिक षड्यंत्र के पीछे जिन लोगों का हाथ था उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इसके जवाब में कांग्रेस का कहना है कि गुजरात में 2002 में जो दंगे हुए उन्हें भी अदालत ने षड्यंत्र बताया था। ऐसे में दंगों की आरोपी माया कोडनानी के पीछे जो लोग थे उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए।
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1984 में दंगे भड़काने के आरोप सज्जन कुमार और कमलनाथ पर लगे थे। दंगा पीड़ित लोगों ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि कमलनाथ का कहना है कि वह निर्दोष हैं। अदालत के फैसले के बाद जेटली ने कहा, 'यह विडंबना है कि ये आया उस दिन है कि जब सिख समाज जिस दूसरे नेता को दोषी मानता है, कांग्रेस उसे मुख्यमंत्री की शपथ दिला रही है।'

अकाली दल के लोकसभा सदस्य प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने सोमवार को उच्च न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘कांग्रेस सिख समाज को यह जवाब दे कि कमलनाथ को कैसे मुख्यमंत्री बना दिया गया जबकि उनके साथी को सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा सुनायी जा रही है। मैं समझता हूं कि अगर कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाया तो उसे सिख समाज का गुस्सा झेलना पड़ेगा।’ 

संबित पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी को कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। कमलनाथ जी का नाम नानावटी आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के हलफनामे और सबूत से हटा दिया गया था। एक शख्स जो सिख विरोधी दंगों में शामिल था उसे मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया है। मिस्टर राहुल गांधी को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए।'

 

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