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समय से पहले रिटायर: दो साल में 170 निष्क्रिय अधिकारियों को किया गया सेवानिवृत्त
Thu, 18 Mar 2021 05:00 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 18 Mar 2021 05:00 AM IST
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केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि पिछले दो साल में काम न करने वाले 170 सरकारी अधिकारियों को समय से पहले ही सेवानिवृत्त कर दिया गया।
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उन्होंने बताया कि विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/कैडर नियंत्रण प्राधिकरण (सीसीए) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी/डाटा के आधार पर पिछले दो साल में समूह-ए के 90 और समूह-बी के 80 अधिकारियों के खिलाफ एफआर56 (जे) के तहत कार्रवाई की गई। ये प्रावधान भ्रष्ट या काम न करने वाले सरकारी अधिकारियों को सेवानिवृत्त करने का अधिकार देते हैं।
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लेटरल एंट्री से तीन संयुक्त सचिव, 27 निदेशक और 13 उपसचिव नियुक्त होंगे
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार लेटरल एंट्री के जरिए तीन संयुक्त सचिवों, 27 निदेशकों और 13 उपसचिवों को भर्ती करेगी। सरकार की लेटरल एंट्री के जरिये सरकारी विभागों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करने की योजना है।
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सिंह ने एक लिखित जवाब में बताया कि पहली बार 2018-19 के दौरान लेटरल भर्ती के तहत 10 पदों पर संयुक्त सचिवों की भर्ती करने का फैसला लिया गया था। 8 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति हुई थी और इनमें से सात अभी भी अपने पदों पर कार्यरत हैं।
नए प्रस्ताव में संयुक्त सचिव स्तर के तीन पदों को भरा जाना है। इसके अलावा निदेशक स्तर के 27 और उप सचिव स्तर के 13 पदों को लेटरल भर्ती के जरिये भरने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि लेटरल भर्ती के जरिए 2019 में नागरिक उड्डयन, वाणिज्य, आर्थिक मामलों, न्यू एवं रिन्यूवल एनर्जी, वित्तीय सेवाओं, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और बंदरगाह, शिपिंग मंत्रालयों में आठ संयुक्त सचिवों को नियुक्त किया गया था।
सीआईसी में सूचना आयुक्तों के तीन पद खाली : सरकार
केंद्रीय कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बुधवार को बताया कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में सूचना आयुक्त के तीन पद खाली हैं। सीआईसी में मुख्य सूचना आयुक्त और 10 सूचना आयुक्त होते हैं।
सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि सार्वजनिक विज्ञापन के जरिए आवेदन मांगे गए थे और आवेदकों का विवरण तैयार कर आवेदन छंटनी के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली सर्च समिति को भेजे गए। इसके बाद चुनिंदा आवेदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति को भेजे गए। समिति द्वारा भेजे गए लोगों की राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति होती है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का पालन करते हुए सात नवंबर 2020 को सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की गई। मौजूदा समय में मुख्य सूचना आयुक्त और सात सूचना आयुक्त केंद्रीय सूचना आयोग में पदस्थ हैं। सीआईसी सचिवालय में 160 पदों की मंजूरी है। मौजूदा समय में सचिवालय में सात पद खाली हैं।
पीएम विशेष पैकेज के तहत रोजगार के लिए 3800 कश्मीरी प्रवासी जम्मू-कश्मीर लौटे
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले कुछ सालों में करीब 3,800 कश्मीरी प्रवासी प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत रोजगार हासिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर वापस लौटे हैं। इनमें से 520 प्रवासी तो विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद वापस आए हैं।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीरी प्रवासी युवाओं के लिए विशेष रोजगार का प्रावधान उनके पुनर्वास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये वे प्रवासी हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में आतंकवाद की वजह से घाटी छोड़ दी थी। उन्होंने बताया चयन प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने पर वर्ष 2021 में इसी नीति के तहत लगभग 2,000 और प्रवासी नागरिकों के प्रदेश में लौटने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन सरकार द्वारा स्थापित राहत कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, 44,167 कश्मीरी प्रवासी परिवार पंजीकृत हैं जिन्हें सुरक्षा चिंताओं के कारण घाटी से बाहर जाना पड़ा था।