फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   17 obc caste in dalit reservation in up to stir protest among Dalit leader of BJP

17 ओबीसी जातियों को दलित वर्ग में शामिल करने पर भाजपा में उठा तूफान, दलित नेता करेंगे विरोध

Wed, 03 Jul 2019 04:10 PM IST
अमर शर्मा अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 03 Jul 2019 04:10 PM IST
विज्ञापन
17 obc caste in dalit reservation in up to stir protest among Dalit leader of BJP
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को दलित वर्ग में शामिल करने का फैसला कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ही तूफान खड़ा कर दिया है। पार्टी के ही कई दलित नेता सरकार के इस फैसले के विरोध में हैं और योगी आदित्यनाथ पर इस फैसले को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। कई दलित नेता जल्द ही योगी सरकार को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की मांग करेंगे। इसके बाद भी अगर सरकार ने अड़ियल रवैया अपनाया तो दलित नेता इस फैसले के विरोध में पार्टी लाइन से अलग जाकर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इसमें कुछ वर्तमान सांसद भी शामिल हैं। इसके पूर्व, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने मंगलवार को राज्यसभा में सरकार के इस फैसले को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि जातियों को विभिन्न वर्गों में वर्गीकरण या इसमें परिवर्तन करना केंद्र का अधिकार है। अगर राज्य सरकार इन जातियों को दलित वर्ग का दर्जा देना चाहती है तो उसे एक प्रस्ताव केंद्र के पास भेजकर उचित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। 
विज्ञापन

क्यों विरोध कर रहे हैं दलित नेता

दलित नेताओं का तर्क है कि दलित वर्ग की जातियों का आरक्षण अभी भी उन जातियों को उस सामाजिक-आर्थिक स्तर तक लाने में सफल नहीं हुआ है जिसके लिए इसकी व्यवस्था की गई है। ऐसे में अन्य जातियों को भी इसी वर्ग में शामिल करने से दलित वर्गों की भागीदारी पर नकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का तर्क है जिन 17 जातियों को दलित वर्ग में शामिल करने का फैसला किया गया है, वे दलित वर्ग के समान ही अत्यंत पिछड़ी हैं, इसलिए उन्हें भी ज्यादा विकास करने का अवसर दिया जाना चाहिए। 
विज्ञापन


योगी आदित्यनाथ सरकार ने 17 अतिपिछड़ी जातियों को दलित वर्ग में शामिल कर इन्हें ज्यादा सामाजिक लाभ देने की योजना बनाई थी। इनमें कहार, कश्यप, प्रजापति, केवट, माझी, मल्लाह, धीमर, धीवर, बाथम, निषाद, बिन्द, कुम्हार, भर, राजभर, तुरहा, गोड़िया और मछुआ शामिल हैं। इन जातियों के दलित वर्ग में शामिल हो जाने के बाद इन्हें 27 फीसदी आरक्षण की श्रेणी का लाभ मिलता। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जातिगत समीकरण तोड़ना असली मकसद

17 obc caste in dalit reservation in up to stir protest among Dalit leader of BJP
भाजपा नेताओं के साथ सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले को उत्तर प्रदेश (यूपी) की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है जहां समाजवादी पार्टी पिछड़ों तो बहुजन समाज पार्टी दलितों की राजनीति करती रही हैं। माना जाता है कि ये वर्ग अपेक्षाकृत इन्हीं दलों को वोट करते रहे हैं। भाजपा ने समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इसी जातीय गठजोड़ की राजनीति को खत्म करने की रणनीति से यह दांव खेला है।

भाजपा ने पिछड़े वर्ग के आरक्षण के बीच अति पिछड़ों के लिए एक नया सब-कोटा बनाने और कुछ अति पिछड़ों को दलित वर्ग में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार दलितों के कोटे में भी अतिदलितों के लिए एक अलग सबकोटे को बनाये जाने की रणनीति पर चर्चा हो रही है। इसके पीछे पार्टी का तर्क है कि पिछड़ों का सारा आरक्षण यादव, कुर्मी और मौर्य जैसी उच्च पिछड़ी जातियां उठा ले जाती हैं जबकि बाकियों को कुछ नहीं मिलता।

इसी तरह दलित वर्ग के आरक्षण का सारा लाभ चमार, पासी और दो अन्य उच्च दलित जातियां उठा ले जाती हैं और बाकियों को कुछ नहीं मिलता। सामाजिक न्याय की अवधारणा को पूरा करने के लिए सभी वर्गों के समुचित विकास के लिए इस नई अवधारणा को सही बताने की कोशिश की जा रही है। 

चूंकि अति पिछड़ी-अति दलित जातियों को उनके लिए आरक्षण की विशेष व्यवस्था करने की चर्चा चुनाव से पहले ही हो गई थी। माना जाता है कि भाजपा की इस रणनीति का लाभ उसे लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान हुआ है। यही कारण है कि भाजपा ने अपने इस नए वोट बैंक को खुद से लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए यह दांव चला है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed